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बड़ा सवाल : अबतक शिक्षा विभाग को नहीं पता कि किस शिक्षक को देना है राष्ट्रपति पुस्कार

शिक्षकों के नाम का चयन 24 घंटे में कैसे होगा संभव, 29 जुलाई है आवेदन अपलोड करने की अंतिम तिथि

अबतक नहीं हो पाया शिक्षकों के नाम पर विचार, नहीं हो पाया है कमिटी का गठन

बेगूसराय। शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने वाले शिक्षकों का सपना रहता है कि उन्हें भी राष्ट्रपति पुरस्कार मिले जिसको लेकर आवेदन भी शिक्षा विभाग को दिया गया। इसके ठीक विपरीत विभागीय लापरवाही के चलते अभी तक इसे अपलोड नहीं किया गया। जिला शिक्षा पदाधिकारी के कार्यालय के कर्मचारी की अनदेखी का यह जीता जागता प्रमाण है। इस संदर्भ में दो-तीन शिक्षकों ने कहा कि आवेदन का अपलोड नहीं होना कर्मचारियों के लापरवाही के अलावे कुछ भी नहीं है जबकि आवेदन अपलोड करने की अंतिम तिथि 29 जुलाई निर्धारित है। बताते चलें कि राष्ट्रपति पुरस्कार को लेकर जिले से अबतक शिक्षकों की सूची राज्य को नहीं भेजी गई है। इसके लिए ना तो कमिटी गठित की गई है और ना ही किसी शिक्षक के नाम पर विचार किया गया है। शेष बचे दो दिनों में एक दिन रविवार है यानि अवकाश का दिन है। नामों के चयन की पूरी प्रक्रिया केवल एक दिन में ही पूरी करनी होगी। अभी तक नॉमिनेशन नहीं होने की वजह से शिक्षकों में मायूसी छाई हुई है।
कमिटी गठन को लेकर कर्मचारी ने जताई अनभिज्ञता
मिली जानकारी के अनुसार, शिक्षकों द्वारा ऑनलाइन स्व-नामांकन आमंत्रित करने के लिए 27 जून से 15 जुलाई तक वेब-पोर्टल खोला गया था। बाद में शिक्षकों द्वारा नए पंजीकरण के लिए 16 जुलाई से 18 जुलाई तक तिथि में विस्तार किया गया था। वहीं शिक्षकों द्वारा स्व-नामांकन अंतिम रूप से प्रस्तुत करने के लिए 21 जुलाई तक का समय दिया गया था। इसके बाद 22 जुलाई से 29 जुलाई तक जिला/क्षेत्रीय चयन समिति द्वारा शिक्षकों की शॉर्टलिस्टिंग करने और शॉर्टलिस्ट किए गए शिक्षकों के नाम को ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से राज्य चयन समिति को भेजने की तिथि निर्धारित की गई है। एसएसए कार्यालय के कर्मचारी रवि भूषण सहनी की कार्य शिथिलता के कारण अबतक कमिटी का गठन नहीं किया गया है। उन्होंने इस मामला से अनभिज्ञता जाहिर की।
यह होती है राष्ट्रपति पुरस्कार के लिए चयन की प्रक्रिया
ज्ञात हो कि जिले से दो या तीन शिक्षकों का नाम चयनित कर राज्य स्तर पर भेजा जाता है। इसके बाद राज्य स्तर पर शिक्षकों का चयन उनके बेहतर कार्य कुशलता को लेकर किया जाता है। जिसमें उनके संपूर्ण व्यक्तित्व व शैक्षणिक गुणवत्ता को लेकर समीक्षा की जाती है। मालूम हो कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री द्वारा स्वतंत्र राष्ट्रीय जूरी का गठन 30 जुलाई से 6 अगस्त के बीच किया जाएगा। वहीं राज्य चयन समिति द्वारा शॉर्टलिस्ट किए गए शिक्षकों का नाम ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से स्वतंत्र राष्ट्रीय जूरी को भेजी जाएगी। वहीं 7 और 8 अगस्त को सभी शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों (अधिकतम 154) को वीसी इंटरैक्शन के माध्यम से निर्णायक मंडल द्वारा चयन किया जा सकता है। 9 अगस्त से 14 अगस्त तक चयन प्रक्रिया जूरी द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से तय की जाएगी। 16 अगस्त को स्वतंत्र राष्ट्रीय जूरी द्वारा नामों को अंतिम रूप दिया जाएगा। 17 अगस्त से 20 अगस्त तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री के अनुमोदन के बाद चयनित उम्मीदवारों को 4 और 5 सितंबर को सूचना भेजी जाएगी, जिन्हें रार्ष्ट्रपति द्वारा सम्मनित किया जाता है। इसके लिए देश स्तर से सरकारी स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों का चयन पहले जिला, फिर राज्य और बाद में राष्ट्रीय स्तर पर किया जाता है। जिले में कितने शिक्षकों ने इसके लिए आवेदन किया है। शिक्षा विभाग के कर्मी ने इसकी जानकारी नहीं दी। मिली जानकारी के अनुसार कम से कम छह शिक्षकों ने अबतक इसके आवेदन किया है।
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हिमांशु शेखर

17 वर्षों से पत्रकारिता का सफर जारी। प्रिंट मीडिया में दैनिक भास्कर (लुधियाना), अमर उजाला (जम्मू-कश्मीर), राजस्थान पत्रिका (जयपुर), दैनिक जागरण (पानीपत-हिसार) और दैनिक भास्कर (पटना) में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्य करने के बाद पिछले एक साल से newsvistabih.com के साथ डिजिटल पत्रकारिता।
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