- राजस्थान भाजपा में सदस्यता अभियान की धीमी गति होने पर राष्ट्रीय संगठन-मंत्री बीएल संतोष ने जताया असंतोष
- राजस्थान में सवा करोड़ सदस्य बनाने का है लक्ष्य, अब तक सिर्फ 23 लाख बनाए गए
भाजपा का कमल रेगिस्तान में भी उसी तरह खिला रहे जैसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत का डंका पूरे विश्व में बजा रहे हैं। यह कमल तभी तरोताजा रहेगा जब इसे सींचने वालों की संख्या बढ़ेगी। सींचने वाले जितने हाथ बढ़ेंगे कमल का डंठल उतना ही मजबूत होगा। वैसे धोरों की धरती पर इसे तरोताजा रखना भी पार्टी के लिए किसी चुनौती से कम नहीं। यहां की चुनावी परिपाटी रही है कि जो पार्टी इस बार सत्ता में है वह अगले चुनावी नतीजे के बाद विपक्ष वाली सीट पर बैठी नजर आती है। भाजपा इसी परिपाटी को तोड़ना चाहती है। यह परिपाटी भी तभी टूटेगी जब भाजपा के सदस्यों की संख्या बढ़ेगी। लेकिन हालत यह है कि 15 अक्टूबर तक प्रदेश में करीब 1.25 करोड़ सदस्य बनाने का लक्ष्य रखा गया है और आज की तारीख में महज 18% (23 लाख) ही सदस्य बन पाए हैं। सदस्यता की रफ्तार धीमी देख राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष खासे नाराज हैं। अभियान के संयोजकों ने कहा कि इस समय फसल कटाई समेत अन्य खेती संबंधी कार्य चल रहा है। लोग खेती में व्यस्त हैं। इस पर बीएल संतोष ने कहा- तो खेतों में जाकर सदस्य बनाइए। खेत से ही पेट भरता है और पेट भरने से ही ‘संताेष’ मिलता है।
संताेष के ‘संतोष’ मिलने के इशारे को समझिए
राष्ट्रीय संगठन महामंत्री ने ‘संतोष’ मिलने वाली बात कही। उनका इशारा समझिए। संगठन में उनकी हैसियत मोदी और शाह के बाद यानी तीसरे नंबर की है। संगठन में इस ऊंचाई पर पहुंचने के लिए बहुत कुछ करना पड़ता है। खेत जाकर सदस्य बनाने का मतलब यह कि किसान-मजदूरों से सीधा मिलें। ऐसा करने से पार्टी के प्रति उनका विश्वास बढ़ेगा। किसानों के मन में भाजपा के प्रति जो भी खटास है, ऐसा करने से कुछ हद तक दूर हो सकता है। जैसे खेत की उपज से हमारा पेट भरता है और पेट भरने से हमें संतोष मिलता है। उसी तरह आप खेत जाकर सदस्य बनाएंगे तो पार्टी मजबूत होगी और जब पार्टी मजबूत होगी तो निश्चित तौर पर आपको भी ‘संतोष’ मिलेगा।
पहला चरण 30 सितंबर को खत्म होगा
प्रदेश में अभियान की शुरुआत 3 सितंबर को की गई थी। अभियान का पहला चरण 30 सितंबर को खत्म होगा। देशभर में बीजेपी का सदस्यता अभियान चल रहा है। 2 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सदस्य बनाकर इस अभियान की शुरुआत हुई थी। दूसरा चरण एक अक्टूबर से शुरू होगा।
विश्व रिकाॅर्ड बनाने वाली पार्टी के कार्यकर्ता रिकॉर्ड देखने की बात पर सहमे
विश्व की सबसे बड़ी पार्टी बनकर रिकॉर्ड बनाने वाली भाजपा के कार्यकर्ता उस समय सहम गए जब बीएल संतोष ने कहा कि मैं एक-एक व्यक्ति का रिकॉर्ड देखूंगा। प्रदेश में 52 हजार से अधिक बूथ हैं और हर बूथ पर 200 सदस्य बनाने हैं। कार्यकर्ताओं से यह लक्ष्य भी पूरा नहीं हो पा रहा। कई संयोजकों ने सदस्य बनाने की प्रोसेस में दिक्कत बताई तो बीएल संतोष ने कहा- राजस्थान में बड़ी संख्या में बीजेपी के जनप्रतिनिधि हैं। क्या आपने अपने जिले के जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति सदस्य और पार्षदों की बैठक ली? बीएल संतोष ने निर्देश दिए कि इन सभी को सदस्यता अभियान से जोड़िए।

1 thought on “Rajasthan : खेत से ही पेट भरता है और पेट भरने से ‘संतोष’ मिलता है”
पीएम मोदी जी के नेतृत्व में भारत का डंका अमेरिका,रूस-यूक्रेन,चीन में तो जोर-जोर से बज रहा है, लेकिन बांग्लादेश,श्रीलंका,मालदीव, भूटान,म्यांमार,नेपाल में वर्षों से बजते आ रहे डंके की आवाज बंद हो गयी.
है न कमाल अपने नन वॉयोलॉजिकल पीएम साहब का !