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कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर शुरू होगी, INDIA-CHINA के बीच सहमति बनी

करीब पांच साल बाद एक बार फिर से कैलाश मानसरोवर यात्रा इस साल से शुरू होगी। इस यात्रा को लेकर दोनों देशों के बीच सहमति बन गई है।

नई दिल्ली/एजेंसी | करीब पांच साल बाद फिर से मानसरोवर यात्रा शुरू होने जा रही है। इसे लेकर भारत और चीन के बीच सहमति बन गई है। इसके साथ ही दोनों देशों के बीच बंद सीधी उड़ान सेवा भी बहाल होगी, लेकिन सीधी हवाई सेवा कब से शुरू होगी इसे लेकर तारीख की घोषणा नहीं की गई है। विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में बताया कि ये फैसले बीजिंग में भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्त्री और चीनी विदेश मंत्री वांग यी के बीच दो दिन की बैठक में लिए गए।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग अक्टूबर 2024 में करीब पांच साल बाद कजान में मिले। तब दोनों ने आपसी संबंधों को बेहतर बनाने पर सहमति दी थी। पिछले 3 महीने में डेमचोक और देपसांग से दोनों देशों की सेनाओं के पीछे हटने के बाद कैलाश मानसरोवर यात्रा और फ्लाइट सर्विस शुरू करने के फैसले हुए हैं।

पिछले पांच साल से इस तरह कर रहे थे कैलश पर्वत के दर्शन
कैलाश मानसरोवर यात्रा बंद होने के बाद से श्रद्धालु उत्तराखंड की व्यास घाटी से कैलाश पर्वत के दर्शन कर रहे थे। पिछले साल उत्तराखंड पर्यटन विभाग, सीमा सड़क संगठन और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के अधिकारियों ने कैलाश पर्वत के स्पष्ट रूप से दिखाई देने वाले स्थान की खोज की थी। 3 अक्टूबर 2024 को पहली बार भारतीय इलाके से पवित्र कैलाश पर्वत के दर्शन पुराने लिपुलेख दर्रे से हुए। यह उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले की व्यास घाटी में स्थित है।

दोनों देशों के बीच सीधी हवाई सेवा भी शुरू होगी
मार्च 2019 में कोविड की पहली लहर आई थी और जून 2020 में भारत-चीन के बीच डोकलाम विवाद हुआ था। इसके बाद से ही कैलाश मानसरोवर यात्रा और दोनों देशों के बीच सीधी हवाई सेवा बंद थी। अब करीब 5 साल बाद हवाई सेवा भी बहाल होने जा रही है। सीधी उड़ान बंद होने से दोनों देश के यात्री बांग्लादेश, हांगकांग, थाइलैंड और सिंगापुर के जरिए यात्रा करते थे। एक एजेंसी के मुताबिक जनवरी-अक्टूबर 2024 के बीच भारत-चीन की यात्रा करने वाले लोगों की संख्या 4.6 लाख थी। 2019 के शुरुआती 10 महीने में यह आंकड़ा 10 लाख था।

भारत और चीन के कूटनीतिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ
इस साल दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ होगी। दोनों देशों ने इस मौके पर कूटनीतिक प्रयासों को और मजबूत करने और आपसी भरोसे और समझ को बढ़ाने का फैसला लिया है। इसके तहत सांस्कृतिक और अन्य कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। विदेश सचिव ने इस दौरे के दौरान चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के पोलित ब्यूरो के सदस्य और विदेश मंत्री से भी मुलाकात की।

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हिमांशु शेखर

पत्रकारिता ही की है अब तक।
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