- राज्य सचिव कुणाल ने सुप्रीम कोर्ट के कदम की सराहना की
- चुनाव आयोग ने कोर्ट के सुझाव को नहीं माना तो फिर सड़कों पर उतरेंगे
बेगूसराय | भाकपा (माले) के राज्य सचिव कुणाल शुक्रवार को बेगूसराय में थे। यहां संस्कृत उच्च विद्यालय बेगूसराय में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि चुनाव आयोग के जरिए अचानक चलाया गया ‘विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान’ संविधान पर सीधा हमला है। यह सिर्फ एक प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि एक साज़िश के तहत चलाया जा रहा ‘वोटबंदी अभियान’ है। इसका मकसद गरीबों, मजदूरों, अल्पसंख्यकों और दलितों को वोट देने के अधिकार से वंचित करना है। मोदी सरकार लोकतंत्र को खोखला करने की दिशा में एक और खतरनाक कदम बढ़ा चुकी है।
सुप्रीम कोर्ट ने खामियों पर संज्ञान लिया : कुणाल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान में मौजूद खामियों पर संज्ञान लेते हुए चुनाव आयोग को जरूरी सुधार लाने का सलाह दी है। लेकिन ज़मीनी स्तर पर स्थिति अब भी चिंताजनक बनी हुई है। चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट के सुझाव की अनदेखी की तो महागठबंधन फिर से सड़क पर उतर आंदोलन करेगा। उन्होंने उम्मीद जताते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट 28 जुलाई को वाजिब फैसला करेगी। प्रेस वार्ता में माले जिला सचिव दिवाकर प्रसाद, चंद्रदेव वर्मा, नवल किशोर सिंह, बैजू सिंह मौजूद थे।
चुनाव आयोग से मांग
- हर फॉर्म की रिसीविंग अनिवार्य की जाए
- प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए
- गरीब तबकों के मताधिकार पर हमला तुरंत रोका जाए।