- 31 दिसंबर तक सभी 46 लाख आवेदनों की अपलोडिंग का लक्ष्य
पटना | राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की ओर से संचालित राजस्व महा-अभियान की मंगलवार को उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने समीक्षा की। उन्होंने बताया कि राजस्व महा-अभियान का मुख्य उद्देश्य राज्य की जमाबंदी को अपडेट करना है। इस अभियान के दौरान उत्तराधिकार नामांतरण, बंटवारा नामांतरण, डिजिटाइज्ड जमाबंदी में त्रुटि सुधार एवं छूटी हुई जमाबंदी को ऑनलाइन करने के लिए आवेदन लिए गए थे। इस दौरान सभी रैयतों तक उनकी जमाबंदी की प्रति घर-घर पहुंचाई गई थी। अभियान के दौरान पंचायत स्तर पर लगाए गए शिविरों में 46 लाख आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 15 लाख आवेदनों की अपलोडिंग अब तक पूरी की जा चुकी है। शेष आवेदनों को 31 दिसंबर तक अपलोड करने का कार्य तेजी से जारी है।
उन्होंने कहा कि जनवरी से मार्च के बीच पंचायत स्तर पर ही फिर से शिविर लगाकर सभी आवेदनों का निष्पादन किया जाएगा।

अगले 100 दिनों में हर जिले में होगा रैयतों की समस्याओं का समाधान
उपमुख्यमंत्री श्री सिन्हा ने बताया कि रैयतों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए नई सरकार की ‘नई पहल’ के तहत भूमि सुधार जनकल्याण संवाद कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है। इसकी शुरुआत 12 दिसंबर को पटना से होगी। यह संवाद कार्यक्रम अगले 100 दिनों में राज्य के सभी जिलों में आयोजित किया जाएगा, जिसमें संबंधित जिले के रैयतों की समस्याओं का निस्तारण किया जाएगा। कार्यक्रम के क्रम में 15 दिसंबर को लखीसराय के टाउन हॉल में भूमि सुधार जनकल्याण संवाद का आयोजन किया जाएगा।
समीक्षा बैठक के दौरान विभाग के प्रधान सचिव श्री सीके अनिल, भू अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय की निदेशक श्रीमती जे प्रियदर्शिनी, चकबंदी निदेशक राकेश कुमार, भू अर्जन निदेशालय के निदेशक कमलेश कुमार सिंह समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
माननीय उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा ने मंगलवार को अपने कार्यालय कक्ष में राजस्व कार्यों की समीक्षा की।#Revenue#DeputyCM#Meeting#Review#BiharBhumi#BiharRevenueAndLandReformsDept pic.twitter.com/XYZ1X21EdE
— Revenue and Land Reforms Department (@BiharRevenue) December 9, 2025










