बेगूसराय | महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को मजबूत करने के उद्देश्य से कांग्रेस की पहल शक्ति अभियान द्वारा आयोजित दो दिवसीय बुनियादी कैंप शनिवार को बेगूसराय में शुरू हुआ। कैंप का आयोजन शक्ति अभियान की राज्य समन्वयक ऋचा सिंह एवं राष्ट्रीय समन्वयक असमा खान के नेतृत्व में किया जा रहा है। बेगूसराय में इस कैंप का नेतृत्व पूर्व विधायक अमिता भूषण कर रही हैं।
राजनीतिक भागीदारी ही लोकतांत्रिक बदलाव का सबसे सशक्त माध्यम
कैंप के पहले दिन बिहार के 16 अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों से आई महिलाओं ने उत्साह और प्रतिबद्धता के साथ भागीदारी की। इनमें वे महिलाएं प्रमुख रूप से शामिल हैं जिन्होंने चुनावी दौर में जमीनी स्तर पर पूरी निष्ठा और मेहनत से कार्य किया था। चुनाव के बाद भी उसी प्रतिबद्धता के साथ संगठन से दोबारा जुड़कर निर्माण के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने की उनकी इच्छा यह दर्शाती है कि महिलाएं अब यह भलीभांति समझ चुकी हैं कि राजनीतिक भागीदारी ही सामाजिक और लोकतांत्रिक बदलाव का सबसे सशक्त माध्यम है।
महिलाएं अपनी भूमिका को लेकर सजग
कैंप में बछवाड़ा से विभा, खगड़िया से नूतन, मनिहारी से नंदनी, चेनपुर से चांदनी सहित राज्य की विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों से आई महिलाओं ने भाग लिया। अलग-अलग क्षेत्रों और पृष्ठभूमियों से आई इन महिलाओं की सहभागिता ने यह स्पष्ट किया कि बिहार की महिलाएं अब नेतृत्व, संगठन और निर्णय प्रक्रिया में अपनी मजबूत भूमिका को लेकर सजग और संगठित हो रही हैं।

निकाय चुनाव से करें ठोस शुरुआत
कार्यक्रम में पूर्व विधायक अमिता भूषण विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने महिलाओं की राजनीतिक हिस्सेदारी को लेकर विस्तृत चर्चा की और कहा कि जब तक महिलाएं पंचायत से लेकर विधानसभा तक प्रतिनिधित्व हासिल नहीं करेंगी तब तक लोकतंत्र अधूरा रहेगा। उन्होंने महिलाओं से आह्वान किया कि वे स्थानीय निकाय चुनावों से अपनी राजनीतिक यात्रा की ठोस शुरुआत करें।
राजनीतिक प्रक्रिया का सक्रिया हिस्सा बनेंगी महिलाएं
राज्य समन्वयक ऋचा सिंह ने कहा कि शक्ति अभियान का उद्देश्य महिलाओं को केवल चुनावी समय तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उन्हें निरंतर राजनीतिक प्रक्रिया का सक्रिय हिस्सा बनाना है। वहीं राष्ट्रीय समन्वयक आसमा खान ने कहा कि कांग्रेस की यह पहल महिलाओं को संगठन, नेतृत्व और राजनीतिक समझ से सशक्त करने की दिशा में एक निर्णायक कदम है।
कैंप का क्या है उद्देश्य
दो दिवसीय इस बुनियादी कैंप के माध्यम से महिलाओं को संगठन, संवाद, संघर्ष और नेतृत्व की बुनियादी समझ के साथ आगे की राजनीतिक भूमिका के लिए तैयार किया जा रहा है।










