बेगूसराय (मंझौल) | अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) उत्तर बेगूसराय जिला केंद्र मंझौल नगर इकाई की ओर से शुक्रवार को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती मनाई गई। जिला सहसंयोजक रवि कुमार एवं नगरमंत्री मुकेश कुमार के नेतृत्व में मंझौल खैरा टोला महादलित मोहल्ले में नेताजी सुभाष चंद्र बोस के चित्र पर पुष्पांजलि करते हुए छात्र-छात्राओं के बीच क्विज प्रतियोगिता के साथ पठन-पाठन सामग्री का वितरण किया गया।
छात्र नेता कन्हैया कुमार ने कहा कि सुभाषचन्द्र बोस महान क्रांतिकारी थे, जिन्होंने ‘तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूँगा’ का नारा दिया और आजाद हिन्द फौज का गठन कर भारत की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष किया। उनके नारों ‘जय हिन्द’ और ‘दिल्ली चलो’ ने लाखों युवाओं को प्रेरित किया। वह एक प्रभावशाली वक्ता और दूरदर्शी नेता थे।

गीता से प्रभावित थे सुभाषचंद्र बोस
प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य अमित कुमार सिंह गप्पू, जिला प्रमुख रविराज सिंह, नगर अध्यक्ष अविनाश कुमार एवं विशेष आमंत्रित सदस्य प्रांत पदाधिकारी श्वेतनिशा ने कहा कि नेताजी की स्वतंत्रता आंदोलन में उनकी भागीदारी उल्लेखनीय थी। सुभाषचन्द्र बोस जो भागवत गीता से गहराई से प्रेरित थे, ने अंग्रेजों के खिलाफ अपने संघर्ष में जो बलिदान और संघर्ष किया, उसे भुलाया नहीं जा सकता। वरिष्ठ छात्र नेता दीपक कुमार, आरसीएस कॉलेज उपाध्यक्ष अनुराग कुमार, वरिष्ठ कार्यकर्ता सचिन कुमार व प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य रिचा रानी ने कहा कि नेताजी भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में अपनी भूमिका के लिए जाने जाते हैं और समाजवादी नीतियों के समर्थन के लिए प्रसिद्ध थे। आज उनके जयंती के शुभ अवसर पर उनको याद करके उनके किए हुए कार्यों से सीखते हुए हम सभी युवा तरुणाई आगे बढ़ेंगे, जिससे आनेवाले समय में हम सभी कार्यकर्ता काफी लाभान्वित होंगे।
गांधी जी ने बोस को देशभक्ति का राजकुमार कहा था
राष्ट्र कलामंच इकाई प्रमुख शगुन भारती, शालिनी राज, रितिका रानी ने कहा कि 1942 में गाँधीजी ने बोस को देशभक्ति का राजकुमार कहा था। बोस के निधन की खबर आने पर गाँधीजी ने कहा था कि नेताजी की देशभक्ति अतुलनीय है। उनकी वीरता उनके हर कार्य में झलकती है। मौके पर अमित कुमार सिंह गप्पू, रवि कुमार, मुकेश कुमार, अनुराग कुमार, सचिन कुमार, आदित्य कुमार, रामलगन यादव, रामकुमार, शालिनी राज, शगुन भारती, रितिका रानी, रिचा रानी, प्रियांशु कुमार, मीनाक्षी कुमारी आदि सैकड़ों छात्र-छात्राएँ एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।










