- वित्तरहित शिक्षक–शिक्षकेत्तर कर्मचारियों का एक दिवसीय राज्यव्यापी प्रदर्शन
- वेतन, पेंशन और बकाया भुगतान की कर रहे मांग
बेगूसराय (बछवाड़ा) | वेतन, पेंशन एवं बकाया अनुदान के भुगतान की मुख्य मांगों को लेकर 25 फरवरी को एसएनएनआर कॉलेज, चमथा, (बछवाड़ा) बेगूसराय के शिक्षक–कर्मचारियों ने शांतिपूर्ण धरना–प्रदर्शन एवं सत्याग्रह कर अपना आक्रोश प्रकट किया। राज्यव्यापी आह्वान के तहत वित्तरहित शिक्षक–शिक्षकेत्तर कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के बैनर तले आयोजित इस कार्यक्रम में शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को प्रमुखता से उठाया।
असहनीय होती जा रही है उपेक्षा
धरना–प्रदर्शन का नेतृत्व प्रभारी प्राचार्य विशाल कुमार सिंह ने किया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों एवं कर्मचारियों की उपेक्षा अब असहनीय हो चुकी है। वर्षों से लंबित अनुदान और वेतन भुगतान में देरी के कारण शिक्षाकर्मी आर्थिक एवं मानसिक कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। सभा में शिक्षक नेताओं ने सरकार से अविलंब सकारात्मक पहल करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र समाधान नहीं निकाला गया तो आंदोलन को और व्यापक एवं निर्णायक रूप दिया जाएगा।
धरना प्रदर्शन में ये लोग रहे शामिल
इस अवसर पर शिक्षक उदय कुमार राय, विजेंद्र कुमार, सोनी कुमारी, प्रशांत कुमार, शिवम कुमार, पूर्णिमा झा, रौशन कुमार, उमेश सिंह, प्रवीण कुमार सिंह, बीरेंद्र यादव, अनिल सिंह, संजीत मल्लीक सहित अन्य शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी मौजूद रहे।
मुख्य मांगें :- वित्तरहित अनुदानित शिक्षकों–कर्मचारियों को अनुदान के स्थान पर नियमित वेतन भुगतान, सेवानिवृत्त शिक्षकों–कर्मचारियों को पेंशन की व्यवस्था, विगत सात वर्षों के बकाया अनुदान का शीघ्र भुगतान तथा शिक्षण संस्थानों की मान्यता को सुरक्षित रखते हुए स्थायी समाधान निकालने की मांग शामिल रही।
इन लोगों ने धरना प्रदर्शन को दिया समर्थन
विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि इस आंदोलन के समर्थन में महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य प्रो अशोक कुमार सिंह अमर तथा अवकाश प्राप्त शिक्षकों में डॉ. नवल किशोर सिंह, प्रो केदार प्रसाद सिंह, प्रो अरविंद कुमार सिंह, प्रो अनिल कुमार ठाकुर, प्रो मनोज कुमार सिंह, प्रो मथूरा प्रसाद सिंह, प्रो मो जक्की, प्रो सीमा कुमारी आदि ने भी खुलकर समर्थन दिया है । सभी वरिष्ठ शिक्षकों ने आंदोलन की वैध मांगों को अविलंब पूरा करने हेतु सरकार से अपनी मांग दुहराई है ।










