- रीवर वैली स्कूल में 19वां स्थापना दिवस मनाया गया
- कार्यक्रम ‘जीवन दायिनी गंगा’ की थीम पर था आधारित
बेगूसराय | पन्हास स्थित रीवर वैली स्कूल में 19 वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया। स्थापना दिवस का सम्पूर्ण कार्यक्रम ‘जीवन दायिनी गंगा’ की थीम पर आधारित था। स्कूल के बच्चों ने अलग-अलग प्रोजेक्ट के माध्यम से गंगा के महत्व काे दर्शाया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारतीय प्रशासनिक सेवा के अवकाश प्राप्त बिहार सरकार के स्पेशल कैबिनेट सचिव अजय कुमार द्विवेदी ने कहा कि अनुशासन बहुत जरूरी है। कमजोर बच्चे भी अगर अनुशासित हैं तो भविष्य में अच्छा कर लेंगे। वे जीवन में सफल हो जाएंगै। अनुशासनहीन मेधावी बच्चे भी भविष्य में असफल हो जाते हैं।
बच्चों की नींव घर से ही मजबूत होती है : डॉ अरुण
विशिष्ट अतिथि पटना IGMS के पूर्व निदेशक सह वाइस चांसलर डाॅ. अरुण कुमार ने कहा कि बच्चे स्कूल में पढ़ते जरूर हैं, लेकिन उनकी नींव घर से ही मजबूत होती है। जिस भी अभिभावक ने बच्चों पर ध्यान दिया निश्चित रूप से वह बच्चा जिंदगी में सफल हुआ है। शिक्षक एक गाइड की तरह होते हैं। विद्यालय के चेयरमैन इंजीनियर आरएन सिंह ने कहा कि स्कूल में इंग्लिश बोलने की ट्रेनिंग देने के लिए स्पोकन इंग्लिश के विशेष टीचर रखे जाते हैं। साइंस प्रोजेक्ट में भी विद्यालय के विद्यार्थी बेहतर कर रहे हैं। कार्यक्रम शुरू होने से पहले विद्यालय के चेयरमैन इ्ंजीनियर आरएन सिंह और चिकित्सक नलिनी रंजन सिंह ने आगत अतिथियों का सम्मान अंग वस्त्र से किया। डाॅ. आरएन सिंह ने वार्षिक उपलब्धियों को पेश किया।
इन प्रोजेक्टों ने लोगों का ध्यान खींचा
नीर निर्मल, कृषि धरा, नमामि गंगे, डाल्फिन डोमेन, ब्लू हार्ट ऑफ बेगूसराय– काबर, जीवन दायिनी गंगा, गंगा– भारत की विरासत आदि प्रोजेक्ट ने लोगों का ध्यान खूब खींचा। प्रोजेक्ट्स के माध्यम से मां गंगा के उद्गम स्थल से लेकर गंगा सागर मिलन तक का मनोरम दृश्य, गंगा नदी से उपकृत राज्यों का दृश्य, लोगों की श्रद्धा और आस्था को दर्शाया गया। प्रोजेक्ट में काबर झील, माता जय मंगला मंदिर, आसपास के गांव के मनोरम दृश्य की खूब सराहना की गई।

नाटक के माध्यम से गंगा की दुर्दशा को दिखाया
बच्चों ने नृत्य एवं नाटक की प्रस्तुति के माध्यम से मां गंगा के प्रदूषण को बड़े ही मार्मिक अंदाज में दिखाया। मौके पर मौजूद लाेगों से प्रदूषण रहित गंगा में योगदान देने काे कहा। कार्यक्रम में छात्राओं के द्वारा प्रस्तुत नृत्य, गंगा प्रदूषण और निदान पर आधारित नाटक की सराहना की गई। ‘बचपन’ के बच्चों द्वारा छठ की झांकी, शिव तांडव, वर्ग षष्ठ की लड़कियों द्वारा ‘गोकुल की गांव में’ शैली गीत और नृत्य की भी खूब सराहना की गई।
इन अतिथियों ने बच्चों का उत्साह बढ़ाया
कार्यक्रम में चमथा कॉलेज के पूर्व प्राचार्य एवं आर्यभट्ट कोचिंग के संस्थापक अशोक सिंह “अमर”, प्रभारी प्राचार्य विशाल सिंह, गणितज्ञ दशरथ प्रसाद सिंह, सेवानिवृत्त केन्द्रीय विद्यालय के प्राचार्य विभूति प्रसाद सिंह आदि ने अपने संबोधन से बच्चों का उत्साह बढ़ाया। स्वागत भाषण विद्यालय की प्रिंसिपल अनन्या पॉल के द्वारा किया गया और धन्यवाद ज्ञापन विद्यालय के हिन्दी शिक्षक ललन सिंह ने किया।










