- बखरी के चक हमीद में स्वास्थ्य विभाग की ओर से ग्राम चौपाल आयोजित
- हर परिवार को छोटे और खुशहाल जीवन का महत्व समझाया गया
बेगूसराय (बखरी) | परिवार नियोजन (Family Planning) में पुरुषों की भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग का ‘पुरुष नसबंदी पखवाड़ा’ अब एक बड़े सामाजिक आंदोलन का रूप ले चुका है। इसका मुख्य लक्ष्य हर परिवार को छोटे और खुशहाल जीवन का महत्व समझाना और पुरुष नसबंदी (Non-Scalpel Vasectomy – NSV) से जुड़ी सही एवं वैज्ञानिक जानकारी लोगों तक पहुंचाना है। इसी कड़ी में मंगलवार को बखरी के चक हमीद पंचायत के बोहर चक मुशहरी में ‘ग्राम चौपाल’ का आयोजन किया गया। चौपाल में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और परिवार नियोजन तथा पुरुष नसबंदी जैसे संवेदनशील विषय पर खुलकर चर्चा की।
ग्राम चौपाल मिल रहा भरपूर समर्थन
इस चौपाल को पंचायत प्रतिनिधि, सीएचओ राजीव रेड्डी, बीसीएम रतन कुमार और पिरामल फाउंडेशन के दीपक मिश्रा के नेतृत्व में स्वास्थ्य टीमों, आशा फैसिलिटेटर ने सफलतापूर्वक आयोजित किया। इन प्रयासों को स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों, जीविका दीदियों, मीडिया कर्मियों और युवाओं का भरपूर समर्थन मिल रहा है, जिससे जागरूकता का यह संदेश समाज के हर कोने तक पहुंच रहा है।
भ्रम को तोड़कर वैज्ञानिक सच्चाई का प्रसार
इस ग्राम चौपाल में प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी और डॉक्टरों के बीच बैठकर, पुरुष नसबंदी से जुड़े सभी अनावश्यक डर और मिथकों को वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर दूर कर रहे हैं। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. दीपक ने बताया कि समाज में पुरुष नसबंदी को लेकर कई भ्रांतियां हैं। हमारा लक्ष्य इन चौपालों के माध्यम से यह स्पष्ट करना है कि यह एक सरल, सुरक्षित और जिम्मेदारीपूर्ण निर्णय है, जो विशेष रूप से महिलाओं के स्वास्थ्य और जीवन की गुणवत्ता में महत्वपूर्ण सुधार लाता है।
जिम्मेदारी निभाएं और खुशहाल भविष्य बनाएं
पुरुषों से अपील की गई है कि वे इस पखवाड़े को एक अवसर के रूप में लें। उनसे एक जिम्मेदार नागरिक और सहयोगी जीवनसाथी की भूमिका निभाते हुए, परिवार नियोजन में अपनी भूमिका सुनिश्चित करने के लिए निःशुल्क परामर्श लेने हेतु आगे आने का आग्रह किया गया है। अधिक जानकारी और निःशुल्क सेवा के लिए: इच्छुक नागरिक अपने नज़दीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) या ज़िला अस्पताल में संपर्क कर सकते हैं।











