- फिलहाल औरंगाबाद में डीएम के रूप में पदस्थापित हैं शास्त्री
- बिहार शिक्षा परियोजना के निदेशक भी रह चुके हैं श्रीकांत शास्त्री
पटना | बिहार में विधानसभा चुनाव संपन्न होने के बाद प्रशासनिक फेरबदल जारी है। सोमवार को भी सामान्य प्रशासन विभाग ने एक अधिसूचना जारी की। इसके मुताबिक बेगूसराय समेत 13 जिलों के डीएम बदल दिए गए। औरंगाबाद के डीएम श्रीकांत शास्त्री को बेगूसराय का डीएम बनाया गया है। जितने भी IAS बदले गए हैं सभी 2017 और 2018 बैच के अधिकारी हैं जबकि श्रीकांत शास्त्री 2012 बैच के आइएएस हैं।
अधिसूचना के मुताबिक, मधेपुरा के जिलाधिकारी तरणजोत सिंह को पश्चिम चंपारण, शिवहर के जिलाधिकारी विवेक रंजन को सीवान और अरवल की जिलाधिकारी अभिलाष शर्मा को औरंगाबाद का जिलाधिकारी बनाया गया है। वहीं भवन निर्माण विभाग के संयुक्त सचिव आशुतोष द्विवेदी को कटिहार, सूचना जनसंपर्क विभाग के निदेशक वैभव श्रीवास्तव को सारण, खान निदेशक विनोद दुहन को अररिया और प्रतिभा रानी को शिवहर का नया जिलाधिकारी बनाया गया है।
प्राथमिक शिक्षा के निदेशक साहिला को बक्सर का जिम्मा
मत्स्य विभाग के निदेशक अभिषेक रंजन को मधेपुरा का जिलाधिकारी बनाया गया है। उद्योग विभाग में निदेशक शेखर आनंद को शेखपुरा का जिलाधिकारी बनाया गया है। ऊर्जा विभाग में विशेष कार्य पदाधिकारी अमृता बैंस अब अरवल की जिलाधिकारी होंगी। प्राथमिक शिक्षा के निदेशक साहिला को बक्सर का जिलाधिकारी और कृषि विभाग में निदेशक नितिन कुमार सिंह को कैमूर का जिलाधिकारी बनाया गया है।
शास्त्री और सिंगला का किशनगंज कनेक्शन
यह संयोग है कि बेगूसराय का डीएम बनने से पहले तुषार सिंगला किशनगंज के डीएम थे। और अब जिन श्रीकांत शास्त्री को बेगूसराय का डीएम बनाया गया है वे भी किशनगंज के डीएम रह चुके हैं। श्रीकांत शास्त्री को जब किशनगंज से औरंगाबाद भेजा गया था उसी समय तुषार सिंगला को किशनगंज का डीएम बनाया गया था।
जानिए, नए डीएम श्रीकांत शास्त्री के बारे में
श्रीकांत शास्त्री मूल रूप से बिहार इंजीनियरिंग सेवा के अधिकारी रहे हैं। उन्हें वर्ष 2012 में IAS के रूप में प्रमोशन मिला। नालंदा जिला के रहने वाले IAS श्रीकांत शास्त्री जहां B.Tech और MBA डिग्रीधारक हैं वहीं तुषार सिंगल IIT दिल्ली से इलेक्ट्रिकल एंड पावर इंजीनियरिंग में BE हैं। श्रीकांत शास्त्री मुंगेर के नगर आयुक्त और बिहार शिक्षा परियोजना के निदेशक रह चुके हैं।
5 से 30 जनवरी तक ट्रेनिंग में जाएंगे सिंगला
सामान्य प्रशासन विभाग के अनुसार, भारतीय प्रशासनिक सेवा के 37 अधिकारियों को लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी मसूरी में 5 से लेकर 30 जनवरी 2026 तक फेज-3 का प्रशिक्षण दिया जाना है। इन IAS अधिकारियों में तुषार सिंगला भी शामिल हैं। ट्रेनिंग में जाने वाले सभी अधिकारी वर्ष 2015 से लेकर 2018 बैच के IAS हैं।
चर्चा यह भी : ट्रेनिंग से लौटने के बाद कहीं शंटिंग पोस्ट न मिल जाए
इस प्रशासनिक फेरबदल के बाद जिले में चर्चा यह भी है कि तुषार सिंगला के ट्रेनिंग से लौटने के बाद उन्हें कहीं शंटिंग पोस्ट न मिल जाए। यह चर्चा राजनीतिक हलकों के साथ-साथ आमलोगों में भी इसलिए है क्योंकि बिहार विधानसभा चुनाव में मटिहानी विधानसभा सीट NDA के हाथ से फिसल गई। सरकार ने इस विधानसभा क्षेत्र में पुल, कैंसर अस्पताल के साथ-साथ कई योजनाएं दी बावजूद जदयू के विधायक राजकुमार सिंह चुनाव नहीं जीत पाए। चर्चा है कि सीएम नीतीश कुमार इस सीट को हारने से नाराज चल रहे थे और श्रीकांत शास्त्री को CM नीतीश कुमार का खास माना जाता है।
क्या बिहार इंजीनियरिंग सेवा के अधिकारी IAS बन सकते हैं?
इस सवाल का जवाब है हां। बिहार इंजीनियरिंग सेवा (और मुख्य रूप से बिहार प्रशासनिक सेवा – BPS) के अधिकारी प्रमोशन के जरिए IAS बनते हैं। ये IAS राज्य में अधिकारियों की कमी को पूरा करने का एक महत्वपूर्ण तरीका है, जिसमें उन्हें कई वर्षों की सेवा के बाद केंद्र सरकार द्वारा UPSC के माध्यम से पदोन्नत किया जाता है। श्रीकांत शास्त्री भी इसी तरह से वर्ष 2012 में IAS बने हैं।
कैसे मिलता है IAS में प्रमोशन
बिहार प्रशासनिक सेवा (BPS) के अधिकारी अपनी सेवा के वर्षों के आधार पर IAS में पदोन्नति के लिए पात्र होते हैं। केंद्र सरकार (कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग) राज्य सरकार के परामर्श से खाली IAS पदों के विरुद्ध इन अधिकारियों को पदोन्नत करती है। इसके लिए संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा स्क्रीनिंग और साक्षात्कार भी होते हैं। 2024 में 19 BPS अधिकारियों को IAS में प्रमोट किया गया है और 2026 में 14 और अधिकारी प्रमोट होने की उम्मीद है।
सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी पत्र










