- 1700 पौधे राहगीरों को और 300 गैर आवासीय छात्रों के बीच बांटे गए
बेगूसराय | पर्यावरण संरक्षण के लिए जिला से लेकर विदेशों तक में कई संगठन कार्य कर रहे हैं, लेकिन बेगूसराय का भारद्वारज गुरुकुल विद्यालय ऐसा स्कूल है जो अपने स्थापना काल से लेकर अब तक पर्यावरण संरक्षण को लेकर संवेदनशील बना हुआ है। विद्यालय ने शुक्रवार को अपना 20वां स्थापना दिवस मनाया। इस मौके पर कोई तामझाम नहीं। विद्यालय ने इस मौके पर अनूठा प्रयोग किया। हरियाली बढ़ाने के उद्देश्य से करीब 2000 अमरुद के पौधे बांटे गए। इनमें से भी 1700 पौधे राहगीरों को दिए गए जबकि 300 पौधे गैर आवासीय बच्चों को दिए गए।
पौधे क्यों बांटे गए : निदेशक शिव प्रकाश भारद्वाज ने बताया कि विद्यालय प्रशासन स्थापना काल से ही पर्यावरण के प्रति सजग रहा है। इसी का परिणाम है कि परिसर में आम, जामुन, कटहल, शीशम, सहजन, महोगनी, अमरुद, नींबू आदि के सैकड़ों पेड़ हैं। स्थिति ऐसी है कि अब पौधे लगाने के लिए जगह नहीं है। इसी कारण इस बार सोचा गया कि क्यों न पर्यावरण बचाने की पहल अब विद्यालय से बाहर की जाए। इसी सोच के साथ आम लोगों के बीच अमरुद के पौधों का वितरण किया गया।
बचपन में सीखे गए मूल्य आजीवन रहते हैं : इस अवसर पर भारद्वाज गुरुकुल के निदेशक शिव प्रकाश भारद्वाज ने कहा कि विद्यालय के बच्चों द्वारा अमरुद के पौधों का वितरण SH 55 किनारे करवाया गया। इस दौरान बच्चों ने राह से गुजरने वालों के बीच पौधे बांटे। निदेशक शिव प्रकाश भारद्वाज ने कहा कि बचपन में सीखे गए मूल्य आजीवन रह जाते हैं। पौधे बांटने का उद्देश्य बच्चों को पर्यावरण के प्रति जागरूक बनाए रखना है।
बच्चों ने खुद बनाए सजावट के सामान : इस अवसर पर क्लास रूम को सजाया-संवारा गया था। बच्चों ने खुद के बनाए आर्ट एंड क्राफ्ट से वर्ग को सजाया था। आर्ट एंड क्राफ्ट के माध्यम से बिहार के गौरवशाली इतिहास, संगीत, विज्ञान आिद को प्रदर्शित किया गया था। बच्चों ने आपरेशन सिंदूर, अहमदाबाद प्लेन क्रैश आदि को अपनी कला के माध्यम से बखूबी प्रदर्शित किया। कार्यक्रम का संयोजन सिद्धांत भारद्वाज एवं संभ्रांत भारद्वाज ने किया था।