- कैलाशपुर उच्च माध्यमिक स्कूल में 13 वर्षों तक दी सेवा
- अब बछवाड़ा में प्रधान शिक्षक के रूप में करेंगी योगदान
बेगूसराय | एक शिक्षक जब विद्यालय से विदा लेते हैं तो अपने पीछे समर्पण, सेवा भावना, छात्रों के प्रति स्नेह और उससे बढ़कर शिक्षा रूपी अमूल्य निधि छोड़ जाते हैं। ऐसे शिक्षक से विद्यार्थियों का लगाव मित्रवत ज्यादा होता है। और जब ऐसा मित्र आपको छोड़कर कहीं और जाए तो स्वाभाविक है आपकी आंखें छलक पड़ेंगी। ऐसा ही हुआ कैलाशपुर स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय में विदाई के दौरान शिक्षिका अमिता कुमारी के साथ।
अमिता पिछले 13 वर्षों से यहां अपनी सेवा दे रही थीं। प्रधान शिक्षक बन जाने के कारण उनका स्थानांतरण जीपीएस नारेपुर चट्टी बछवाड़ा (बेगूसराय) हुआ। यहां योगदान करने से पहले कैलाशपुर उत्क्रमित मध्य विद्यालय में उनके लिए विदाई समारोह रखा गया। यहां से उन्हें एक शिक्षिका के रूप में नहीं बल्कि बेटी के रूप में विदा किया गया। जैसे एक शादीशुदा बेटी मायके से विदा होती है ठीक उसी तरह सहकर्मियों, बच्चे और ग्रामीणों ने उन्हें विदा किया। उन्हें दुल्हन की तरह चुनरी ओढ़ाई गई, खोइंछा दिया गया। विदा करते समय शिक्षिकाओं और बच्चे फूट-फूटकर रो रहे थे। बताते चलें कि अमिता कुमार, नवोदय विद्यालय की छात्रा रही हैं। उन्होंने विद्यालय के हर छात्र को उत्कृष्ट शिक्षा और मार्गदर्शन दिया, जिससे छात्रगण उनसे भावनात्मक रूप से गहरे जुड़ गए थे।
इस मौके उपर उत्क्रमित मध्य विद्यालय में कार्यरत शिक्षक राजहंस कुमार को भी विदाई दी गई। उनका पदस्थापन प्राथमिक विद्यालय खोटाटिकुल, मुंगेर हुआ। उन्होंने कहा कि यह विदाई समारोह इस बात का प्रतीक है कि एक शिक्षक सिर्फ शिक्षा नहीं देता, वह जीवन भर के लिए संबंध और यादें छोड़ जाता है।