बेगूसराय (मंझौल) | कावर महापंचायत के किसान शनिवार को तीसरे दिन भी आमरण अनशन पर बैठे। किसानों का कहना था कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जनवरी 2025 में कहा था कि 6500 एकड़ जमीन पक्षी अभयारण्य के लिए लेकर होगी शेष जमीन किसानों को वापस कर दी जाएगी। बावजूद सात महीने में कोई सुधार नहीं हुआ। सुधार की जगह पर कभी चेक डेम बनाकर जमीन को जलप्लावित करने का उपाय किया गया तो अब राजस्व महाभियान में भी कावर के जमीन की अनदेखी की गई। इसी बीच शनिवार को दरभंगा स्नातक क्षेत्र के विधान पार्षद सर्वेश कुमार आमरण अनशन पर बैठे किसानों के बीच पहुंचे। उन्होंने किसानों से बात की। कहा कि मैं भी किसान का बेटा हूं। किसानों की जटिल समस्याओं को समझता हूं। समस्याओं का निदान करना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने आश्वासन देते हुए जूस पिलाकर आमरण अनशन तुड़वाया।

MLC ने किसानों के आंदोलन को जायज ठहराया : एमएलसी सर्वेश कुमार ने कहा कि यह किसानों का जायज आंदोलन है। मैं भी किसान परिवार से आता हूं। आज सरकार व शासन-प्रशासन को किसानों की चिंता प्रमुख रूप से करने की आवश्यकता है। मैं भी सरकार का अंग हूं। इसी नाते मैं मंझौल शताब्दी मैदान में आमरण अनशन स्थल पर पहुंचा हूं। मैं किसानों के हर मुद्दे के साथ खड़ा हूं। जल्द-से-जल्द किसानों की समस्याओं का समाधान करने का हरसंभव प्रयास करूंगा। मेरी नैतिक जिम्मेदारी रहेगी कि मैं आगे भी किसानों की हर समस्याओं एवं दुख-सुख में साथ खड़ा रहूं।

किसान बोले-सरकार जल्द से जल्द समस्या समाधान करे : महापंचायत के सदस्य वल्लभ बादशाह उर्फ जुगनू, विजय सिंह, शिशुपाल सिंह, शालिग्राम सिंह, अमित कुमार सिंह गप्पू, महेश भारती, संजीव कुमार, प्रभात भारती ने कहा कि यह आंदोलन हम सभी किसानों के लिए बेटी-रोटी का सवाल बन गई है। कावर की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो हम उग्र आंदोलन करने को विवश होंगे। सरकार व शासन-प्रशासन जल्द-से-जल्द किसानों की समस्याओं का निदान करे। खड़गनारायण सिंह, मनोज सिंह, अनमोल शरण, लल्लू सिंह, कुमार अनिल, मुकेश कुमार एवं छात्र नेता कन्हैया कुमार ने कहा कि हमारा देश भारत कृषि प्रधान देश है। किसानों के हित की रक्षा करना सरकार व शासन प्रशासन की नैतिक जिम्मेदारी है, जिससे आज सरकार व प्रशासन पल्ला झाड़ते दिख रही है।












