- स्पिक मैके की ओर से भारद्वाज गुरुकुल और नवोदय विद्यालय में कत्थक नृत्य का आयोजन
- बनारस घराना के रूद्र शंकर मिश्रा और उनकी टीम ने दी शानदार प्रस्तुति
बेगूसराय | सामने कत्थक नृत्य की प्रस्तुति हो रही हो और आपका मन मयूर की तरह नाचने लगे तो कलाकार की कला सार्थक साबित हो जाती है। ऐसा ही दृश्य गुरुवार को पन्हास स्थित भारद्वाज गुरुकुल और विष्णुपुर स्थित पीएमश्री जवाहर नवोदय विद्यालय में देखने को मिला। बताते चलें कि इन दोनों जगहों पर स्पिक मैके की ओर से कत्थक नृत्य का आयोजन किया गया था। प्रसिद्ध नर्तक रूद्र शंकर मिश्रा ने भगवान शिव की प्रार्थना के साथ अपनी प्रस्तुति दी और थाली पर नृत्य करके दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। तबला वादक उदय शंकर मिश्र और हारमोनियम वादक राघवेंद्र शर्मा ने शानदार संगत दी।
एक साथ तैंतीस चक्कर देख विस्मित रह गए लोग
कलाकार के भाव भंगिमा ने हॉल में मौजूद सभी लोगों को आकर्षित किया। तबला और घुंघरू की जुगलबंदी ने करिश्माई असर छोड़ा। चुस्त और सुस्त संगीत की प्रस्तुति अनुपम थी। एक साथ तैंतीस चक्कर की प्रस्तुति असामान्य थी। घुंघरू से बारिश की आवाज, पुल पर ट्रेन की आवाज के साथ साथ घोड़े के टाप की आवाज ने बच्चों को आश्चर्य में डाल दिया। पीतल के प्लेट पर कथक नृत्य की प्रस्तुति नायाब थी। अंत में काशी की होली की अभिनय प्रस्तुति ने सबों को झूमा दिया। खेले मसाने में होली दिगम्बर का गायन एवं नृत्य अविस्मरणीय था।

नृत्य देख मंत्रमुग्ध हो उठे बच्चे
स्पिक मैके के जिला समन्वयक शिव प्रकाश भारद्वाज ने कहा कि यह कार्यक्रम नई पीढ़ी को शास्त्रीय कला से जोड़ने के लिए आयोजित किया गया था। रूद्र शंकर मिश्र की शानदार प्रस्तुति ने सैकड़ों बच्चों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने कहा कि कथा को नृत्य के माध्यम से संचारित करने की विधा ही कथक है। आनंदित मन ही समाज को सुंदर बना सकता है। ऐसे कार्यक्रम से बच्चे अपनी संस्कृति पर गर्व करते हैं और ज्ञान पाने में मन को केंद्रित कर पाते हैं। इस मौके पर जिले के कत्थक नर्तक सुदामा गोस्वामी, जीडी कॉलेज के बर्सर डॉ. शशिकांत पाण्डेय, कुंदन कुमार समेत कई गणमान्य मौजूद थे।










