- हड़ताली राजस्व अधिकारियों पर सरकार का सीधा वार
- 1 अप्रैल से प्रत्येक अंचल में राजस्व सेवा के अधिकारी
- दाखिल–खारिज, परिमार्जन, ई मापी और प्रमाण पत्र का काम रहेगा जारी
- कार्यरत सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी एवं कानूनगो को भी दिया जाएगा प्रभार
पटना | राज्य सरकार ने सामूहिक अवकाश पर गए बिहार राजस्व सेवा के अधिकारियों के खिलाफ निर्णायक और कड़ा कदम उठाया है। राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि जनहित के कार्यों में बाधा डालने वालों के लिए कोई नरमी नहीं बरती जाएगी। जनता का काम रोकने की इजाजत किसी को नहीं है। हड़ताल के नाम पर राजस्व सेवाएं बाधित करना पूरी तरह अस्वीकार्य है। 1 अप्रैल से हर अंचल में काम होगा। जो अधिकारी काम पर नहीं हैं, उनकी जगह कार्यरत अधिकारियों को तुरंत अतिरिक्त प्रभार दिया जाएगा।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि अब किसी भी अंचल को खाली नहीं रहने दिया जाएगा। जो अधिकारी हड़ताल में शामिल नहीं हैं, उन्हें उनके मूल पद के साथ-साथ अन्य रिक्त अंचलों का भी अतिरिक्त प्रभार दिया जाएगा। इनमें अंचलाधिकारी, सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी, राजस्व अधिकारी एवं कानूनगो होंगे। सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि हर अंचल में पदाधिकारी की उपलब्धता हर हाल में सुनिश्चित करें।
विभाग ने इस कारण लिया ऐसा निर्णय
विभाग ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि अब तक प्रखंड विकास पदाधिकारियों को दिया गया अंचल का अतिरिक्त प्रभार पर्याप्त नहीं है, क्योंकि उनके पास पहले से ही कई जिम्मेदारियां हैं। इसलिए अब सीधे राजस्व सेवा के कार्यरत अधिकारियों को ही यह जिम्मेदारी सौंपी जाएगी, ताकि दाखिल-खारिज, परिमार्जन, मापी, अतिक्रमण और प्रमाण पत्र जैसे कार्यों में कोई रुकावट न आए।
अतिरिक्त प्रभार पाने वाले अधिकारियों को पूर्ण वित्तीय अधिकार
हड़ताल से लौटने वाले अधिकारियों को सदर अंचल एवं अनुमंडल मुख्यालय के अंचलों का प्रभार दिया जाए। अतिरिक्त प्रभार पाने वाले अधिकारियों को पूर्ण वित्तीय अधिकार दिए जाएंगे ताकि वेतन, योजनाओं और अन्य खर्चों में कोई बाधा न आए। साथ ही जिलों में कार्यभार का संतुलन बनाए रखने और नजदीकी अंचलों में ही अतिरिक्त जिम्मेदारी देने का निर्देश भी दिया गया है।
1 अप्रैल से हर अंचल में काम होगा। जो अधिकारी काम पर नहीं हैं, उनकी जगह कार्यरत अधिकारियों को तुरंत अतिरिक्त प्रभार दिया जाएगा। सरकार के काम रुकेंगे नहीं। : उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा@NitishKumar @VijayKrSinhaBih @IPRDBihar #Strike #NewsUpdate #Mutation #Emapi pic.twitter.com/i3P6e95xRY
— Revenue and Land Reforms Department (@BiharRevenue) March 27, 2026
जानिए, क्यों हैं हड़ताल पर सीओ और कर्मचारी
राजस्व विभाग के सीओ और कर्मचारी 9 मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। बिहार राजस्व सेवा संघ (BIRSA) 17 सूत्री मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहा है। ये लोग नई ‘सब-डिवीजनल रेवेन्यू ऑफिसर’ (SDRO) की पोस्ट का विरोध करने के साथ ही कार्यभार में सुधार की मांग कर रहे हैं। हड़ताल के कारण राज्य के सभी 537 अंचलों में म्यूटेशन (दाखिल-खारिज), जमीन की मापी, और प्रमाण पत्र जैसे काम प्रभावित हो रहे हैं। वहीं दूसरी ओर विभाग के मंत्री सह उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने हड़ताल को अवैध करार दिया है।










