- पटना में 12-13 अप्रैल को ECREU का छठा महाधिवेशन
- महाधिवेशन के लिए रक्सौल क्षेत्र में जन जागरूकता अभियान
रक्सौल (पूर्वी चंपारण) | ईस्ट सेंट्रल रेलवे इम्प्लाइज यूनियन की ओर से नई श्रम नीति का विरोध, पुरानी पेंशन, बोनस के रेट में सुधार, आठवां वेतन आयोग के फिटमेंट फेक्टर, निजीकरण- निगमीकरण की समाप्ति एवं कुछ अन्य मुद्दों को लेकर 12 और 13 अप्रैल को पटना के विद्यापति भवन में विशाल कार्यक्रम होगा। इसमें रक्सौल क्षेत्र से भारी संख्या में रेल कर्मचारी भाग लेंगे। ECREU यूनियन के केंद्रीय (जोनल) संयुक्त महासचिव रत्नेश वर्मा ने बताया कि ईस्ट सेन्ट्रल रेलवे इम्प्लांइज यूनियन का छठा केंद्रीय महाधिवेशन अनोखा और ऐतिहासिक होगा।
चार लेबर कोड लाना मजदूरों के हितों पर कुठाराघात
रत्नेश वर्मा ने कहा कि ईस्ट सेंट्रल रेलवे इम्प्लांइज यूनियन के केंद्रीय नेतृत्व द्वारा 12 अप्रैल को खुला सत्र तथा 13 अप्रैल 2026 को डेलिगेशन सत्र का आह्वान किया गया है। रेलवे कर्मचारियों पर जबरदस्ती नई श्रम नीति, निजीकरण / निगमीकरण थोपा जा रहा है। 55/30 के सर्विस रिव्यू की पॉलिसी बनाई गई है। सरकार द्वारा पहले NPS और अब UPS लाया गया है। OPS की चर्चा तक नहीं हो रही है। पूरे देश में एक ही पेंशन व्यवस्था ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) होनी चाहिए। देश के मजदूरों कि स्थिति दयनीय है। कई प्राइवेट ठेका मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी भी नहीं मिल पा रही। 29 श्रम संहिताओं को हटाकर केवल 4 चार लेबर कोड बिल लाकर केंद्र सरकार मजदूरों के हितों पर कुठाराघात कर रही है।
रेलकर्मियों की भर्ती हाेनी चाहिए
रत्नेश वर्मा ने कहा कि रेलवे कर्मचारियों की भारी कमी है। अत्यधिक कार्य का बोझ है, जिसके चलते कर्मिगण लगातार रन-ओवर हो रहे हैं। ट्रैक क्षेत्र में कार्य करने वाले सभी कर्मिगण को जीवन रक्षक यंत्र दिया जाना चाहिए तथा एक करोड़ के जीवन बीमा का प्रावधान हो। पॉइंट्स मैन, गेटमैन 12 घंटे, सिग्नल आर्टिजन स्टफ 24 घंटे ड्यूटी कर रहे हैं। ड्यूटी रोस्टर नहीं हैं। जहां नई रेलवे लाइन बनी है, गेज परिवर्तन, विद्युतीकरण हुआ है, वहां नए संशोधित BOS के अनुसार रेलकर्मियों की भर्ती होनी चाहिए।
कर्मचारियों के हित में यूनियन की मांगें
- पूंजीवाद परस्त चारों लेबर कानून को निरस्त किया जाय ।
- NPS/UPS को समाप्त कर OPS लागू किया जाए ।
- रेलवे में प्रतिवर्ष 2% इंप्लाई के पोस्ट को सरेंडर करने के आदेश पर अविलंब रोक लगे।
- रेलवे में सभी रिक्तियों को रिक्रूटमेंट के द्वारा अविलंब भरा जाय।
- विभागों के कार्यों को आउटसोर्स द्वारा कराना बंद किया जाय।
- समान काम समान वेतन के तहत कार्यरत ठेका मजदूरों को समान वेतन दिया जाय।
- 8वाँ वेतन आयोग में पति-पत्नी, 2 बच्चे एवं बूढ़े मां-बाप को आधार मानकर वेतन निर्धारण हो। फिटमेंट फेक्टर 3.5 गुना हो।
- 2025-2026 के P.L.B. बोनस का भुगतान सातवें / आठवें वेतन आयोग के वेतन को आधार मानकर किया जाए।
- 14/2 काला कानून को तत्काल समाप्त किया जाय।
- 55/30 के सर्विस रिव्यू पर रोक लगाया जाए।
- पॉइंट्समैन, गेटमैन सहित सभी विभागों में आठ घंटा ड्यूटी रोस्टर लागू किया जाए।
- सिग्नल एवं टेलीकॉम विभाग में अनुमोदित ड्यूटी रोस्टर एवं नाइट फेलियर गैंग का प्रावधान हो।
- रक्सौल में सभी सुविधाओं के साथ रेलवे अस्पताल बनाया जाए।
- सभी एलसी गेट पर C.C.T.V. लगाया जाए।
- टीए, NDA, O.T., C. T. A. आदि भत्तो क़ो समय से वेतन में लगाया जाए।
- सभी ओपेन लाइन कर्मचारियों क़ो सेफ्टी शु, विंटर जैकेट, रेनकोट, बॉटर बोतल समय से मुहैया कराया जाए।
- सेफ्टी कैटेगरी क़े स्टाफ क़े लिए सेक्शन में त्रेमासिक फेमिली सेमिनार का आयोजन किया जाए।
- ट्रैक क्षेत्र में कार्य करने वाले सभी विभाग क़े कर्मचारीयों क़ो अविलम्ब जीवन रक्षक यन्त्र दिया जाए।
- सभी कर्मचारियों क़े लिए रेलवे आवास, गैंग हट, टूल कक्ष सह विश्राम कक्ष बनवाया जाए।
- रेलवे इम्पैनल्ड अस्पतालो में UMID कार्ड क़े आधार पर इलाज हो।
- ट्रांसफर पॉलिसी में सुधार करके पारदर्शी बनाया जाए। प्रायोरिटी लिस्ट/नेमनोटिंग क़े अनुसार ट्रांसफर हो।
- L. D. C. E. एवं G. D. C. E. परीक्षा प्रत्येक वर्ष लिया जाए।
- रनिंग कर्मचारियों के किलोमीटर भत्ते में टीए के बढ़ोत्तरी के अनुपात में वृद्धि क़ो 25% तक बढ़ाया जाए।
- रनिंग कर्मचारियों के BOS को संशोधित करके ड्यूटी ऑवर को कम किया जाए।
- रनिंग कर्मचारियों के लिए लागू RAC-1980 फार्मूला को लागू कर मायलेज भत्ता दिया जाए। रनिंग भत्ता आयकर से मुक्त हो।
- बड़े अस्पतालो/शहरों में रेलवे का हॉलिडे होम स्थापित किया जाए।
- TTE/TTI/CTTI कैटेगरी को रनिंग भत्ता प्रदान किया जाए।
- 01-01-2020 से 31-06-2021 तक 18 माह के D.A. एरियर का भुगतान किया जाए।
- सभी विभाग के कर्मचारियों को MACP का लाभ प्रत्येक पांच वर्ष पर दिया जाए।
- महिला रेल कर्मचारियों को प्रत्येक माह नेचुरल-लिव, तथा कार्यस्थल पर अलग शौचालय वाशरूम आदि की सुविधा दी जाए।










