अंबिकापुर | छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में रेत के अवैध कारोबार को लेकर चली आ रही रंजिश ने मंगलवार रात भयावह रूप ले लिया। सोनहत जनपद पंचायत के पूर्व उपाध्यक्ष और भाजपा नेता भरत सिंह गहरवार उर्फ लल्ला सिंह की कथित तौर पर जिंदा जलाकर हत्या कर दी गई। आरोप है कि हमलावरों ने उनकी फॉर्च्यूनर गाड़ी को टिपर से घेरकर कई बार टक्कर मारी और फिर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी।
घटना कोरिया जिले की सोनहत तहसील के ग्राम कटगोड़ी से लगे नवगई गांव की है। पुलिस के अनुसार शुरुआती जांच में सामने आया है कि दोनों पक्षों के बीच रेत कारोबार को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। मंगलवार दोपहर भी दोनों पक्षों के लोगों के बीच मारपीट हुई थी, जिसके बाद तनाव बढ़ गया था।
बातचीत के दौरान भड़का विवाद
जानकारी के मुताबिक मंगलवार रात भरत सिंह अपने समर्थकों के साथ तीन वाहनों में सवार होकर दूसरे पक्ष के घर पहुंचे थे। इसी दौरान विवाद अचानक हिंसक हो गया। आरोप है कि करीब 30 लोगों की भीड़ ने उनकी फॉर्च्यूनर को चारों तरफ से घेर लिया। एक टिपर वाहन से फॉर्च्यूनर को बार-बार टक्कर मारी गई, जिससे वाहन के दरवाजे जाम हो गए।
आग की लपटों में घिरे नेता की मौके पर मौत
इसके बाद हमलावरों ने वाहन पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। आग की लपटों में घिरे भरत सिंह बाहर नहीं निकल सके और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। उनका शव पूरी तरह जल गया। फॉर्च्यूनर में सवार उनके तीन समर्थक किसी तरह बाहर निकलने की कोशिश करते रहे, लेकिन वे भी गंभीर रूप से झुलस गए। घायलों को पहले बैकुंठपुर जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से उन्हें अंबिकापुर और बाद में रायपुर रेफर किया गया।

रेत ठेके को लेकर बढ़ा था तनाव
स्थानीय सूत्रों के अनुसार मृतक पक्ष और दूसरे पक्ष के बीच रेत के कारोबार में वर्चस्व को लेकर लंबे समय से तनातनी थी। हाल ही में भरत सिंह के भतीजे को रेत का ठेका मिला था, जिसके बाद विवाद और गहरा गया था। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है।
आइजी मौके पर पहुंचे, चार संदिग्ध हिरासत में
घटना की गंभीरता को देखते हुए सरगुजा रेंज के आइजी देर रात ही नवगई पहुंचे। उन्होंने पुलिस अधिकारियों के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस और फोरेंसिक टीम आग लगने के कारणों और पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। अब तक चार संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि फोरेंसिक रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही विस्तृत एफआइआर दर्ज कर आधिकारिक बयान जारी किया जाएगा।
जानिए, कौन थे भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह
भरत सिंह गहरवार उर्फ लल्ला सिंह सोनहत जनपद पंचायत के पूर्व उपाध्यक्ष रह चुके थे। वे पहले पूर्व मंत्री रामचंद्र सिंहदेव के करीबी माने जाते थे और वर्तमान में भाजपा से जुड़े थे। क्षेत्र में उनका राजनीतिक और कारोबारी प्रभाव था। वे क्रशर और ठेकेदारी के कारोबार से भी जुड़े थे।
घटना के बाद इलाके में तनाव
इस सनसनीखेज वारदात के बाद पूरे सोनहत क्षेत्र में तनाव का माहौल है। गांव में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। रेत के अवैध कारोबार को लेकर जिले में पहले भी कई बार विवाद सामने आ चुके हैं, लेकिन इस तरह जिंदा जलाकर हत्या की घटना ने लोगों को झकझोर दिया है।
हत्या के पीछे प्रमुख वजहें
- रेत के अवैध कारोबार को लेकर पुरानी रंजिश
- क्षेत्र में वर्चस्व की लड़ाई
- हाल ही में रेत ठेका मिलने के बाद बढ़ा विवाद
- घटना से पहले दोनों पक्षों में मारपीट
- बातचीत के दौरान हिंसक टकराव में बदला मामला










