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पुरानी मनरेगा बहाली को लेकर खेतिहर मजदूरों का धरना-प्रदर्शन

  • वीबी-जी-रामजी के तहत न्यूनतम मजदूरी ₹700 प्रतिदिन करने की मांग
  • समाहरणालय के दक्षिणी द्वार पर स्थानीय मुद्दों पर भी गरजे नेता

बेगूसराय | अखिल भारतीय खेत मजदूर यूनियन के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर बिहार प्रांतीय खेतिहर मजदूर यूनियन ने बुंधवार को समाहरणालय के दक्षिणी द्वार पर धरना-प्रदर्शन किया। अध्यक्षता संगठन के जिला अध्यक्ष रामविलास सिंह ने की। आंदोलनकारी मजदूरों ने पुरानी मनरेगा व्यवस्था को बहाल करने और न्यूनतम मजदूरी ₹700 प्रतिदिन करने समेत कई केंद्रीय मांगों को लेकर आवाज बुलंद की।

काम नहीं मिलने पर बेकारी भत्ता मिलता था
धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए संगठन के जिला सचिव रामभजन सिंह ने सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि नया वीबी-जी-रामजी कानून मजदूरों और गरीबों के साथ एक बड़ा धोखा है। इस नए कानून में काम मिलने की कोई गारंटी नहीं है। उल्टा, साल में 60 दिन काम पर रोक लगाने का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि इस नए कानून के तहत बजट का 40% हिस्सा राज्यों को वहन करना होगा। इसके विपरीत, वामपंथी दलों के प्रयास से यूपीए सरकार के समय बनी पुरानी मनरेगा में 100 दिन काम की गारंटी थी। काम न मिलने पर बेकारी भत्ता देने का कानूनी प्रावधान था। उसमें राज्यों की हिस्सेदारी भी महज 10% थी।

प्रमुख मांगें
  • पुरानी मनरेगा व्यवस्था को देश में दोबारा लागू किया जाए।
  • प्रतिदिन न्यूनतम मजदूरी ₹700 सुनिश्चित की जाए।
  • साल में कम से कम 200 दिन काम की गारंटी दी जाए।
  • काम न मिलने की स्थिति में मजदूरों को बेकारी भत्ता मिले।
  • बिहार सरकार द्वारा जमीन रजिस्ट्री शुल्क में की गई बढ़ोतरी तुरंत वापस हो।
  • बिन्दटोली गैंगरेप के दोषियों को फांसी की सजा दी जाए।
सरकार की नीतियों और कानून-व्यवस्था पर घेरा
माकपा के जिला सचिव रत्नेश झा ने बिहार की सम्राट चौधरी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने राज्य में गिरती कानून-व्यवस्था का मुद्दा उठाया। कहा कि दलितों, गरीबों और महिलाओं पर हमले, हत्या व बलात्कार की घटनाएं बढ़ रही हैं। फर्जी एनकाउंटर के जरिए वैधानिक हत्या की राजनीति की जा रही है। उन्होंने भूमिहीनों को आवास के लिए जमीन देने और पर्चाधारियों को जमीन पर कब्जा दिलाने की मांग की। किसान काउंसिल के जिला सचिव दयानिधि चौधरी ने जमाबंदी सुधार में हो रही लूट और फसल क्षतिपूर्ति योजना में भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया। उन्होंने खाद की किल्लत, बढ़ती लागत और जल निकासी की समस्या पर भी चिंता जताई। सीटू के राज्य सचिव आरएस राय ने कहा कि सरकार चार नए श्रम कोड के जरिए मजदूरों को गुलामी की ओर धकेल रही है।

10 अगस्त को देशव्यापी जेल भरो आंदोलन
धरना प्रदर्शन में स्थानीय स्तर पर व्याप्त भ्रष्टाचार और समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया गया। जयप्रकाश यादव ने बलिया के मंसेरपुर में रास्ते का विवाद हल करने की मांग की। सुरेश पासवान ने बरौनी के बख्तर स्थान में अंचलाधिकारी पर भ्रष्टाचार के जरिए पर्चे की जमीन आवंटित करने का आरोप लगाया। धरने को रामजी पासवान, प्रमोद साह और सुरेन्द्र साह सहित कई नेताओं ने भी संबोधित किया। अंत में, जिला सचिव रामभजन सिंह ने आगामी 10 अगस्त को होने वाले देशव्यापी जेल भरो आंदोलन को बेगूसराय में ऐतिहासिक रूप से सफल बनाने का आह्वान किया।
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विनोद कर्ण

पत्रकारिता में 37 वर्षों का अनुभव। 1988 में पटना से प्रकाशित होने वाले हिन्दी दैनिक नवभारत टाइम्स से जुड़े। 1995 से 2000 तक मधुबनी से हिन्दी दैनिक आज के जिला संवाददाता रहे। अप्रैल 2000 से अगस्त 2002 तक अमर उजाला के जालंधर संस्करण में अबोहर के ब्यूरो चीफ रहे। गंभीर रूप से दुर्घटनाग्रस्त होने के कारण इस पेशे से 4 साल दूर रहे। 2006 में दैनिक जागरण, बेतिया से नई पारी शुरू की। तीन माह बाद सिल्लीगुड़ी स्थानांतरित। फिर पटना तबादला। 2008 से 2014 तक दैनिक जागरण, बेगूसराय और खगड़िया में ब्यूरो चीफ रहे। 2014 से 2017 तक दैनिक जागरण भागलपुर में डेस्क पर सीनियर सब एडिटर रहे। उसके बाद से न्यूज पोर्टल लाइव सिटीज, बिफोर प्रिंट और टॉप हिन्दी न्यूज से जुड़े रहे। वर्तमान में समकालीन तापमान के साथ-साथ newsvistabih.com न्यूज पोर्टल में स्वतंत्र रूप से लेखन जारी।
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