- IFS हैं पत्नी ताविशी बहल पांडेय
- तुषार सिंगला के बाद दूसरा पावर कपल मिला जिला को
बेगूसराय | जिले को नया डीएम मिलने के साथ ही जिले में एक दिलचस्प संयोग भी जुड़ गया है। जिले की कमान अब IAS रिची पांडेय संभालेंगे। उनकी पत्नी ताविशी बहल पांडेय भारतीय विदेश सेवा की अधिकारी हैं। दोनों अपने-अपने क्षेत्र में अहम जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। रिची पांडेय 2016 बैच के IAS अधिकारी हैं। पत्नी ताविशी बहल पांडेय 2011 बैच की IFS अधिकारी हैं। फिलहाल ताविशी ओमान की राजधानी मस्कट स्थित भारतीय दूतावास में डिप्टी चीफ आफ मिशन (DCM) और पालिटिकल आफिसर के पद पर तैनात हैं। मस्कट जाने से पहले 2022 तक ताविशी पटना पासपोर्ट कार्यालय में भी कार्यरत रही थीं।
इस तरह बेगूसराय को दूसरी बार ऐसा प्रशासनिक दंपती मिला है, जिसमें पति जिले के डीएम हैं और पत्नी भारतीय विदेश सेवा की वरिष्ठ अधिकारी। इससे पहले बेगूसराय के डीएम रहे तुषार सिंगला की पत्नी नवजोत सिमी IPS अधिकारी हैं। तुषार सिंगला वर्तमान में बिहार सरकार के मत्स्य पालन विभाग में निदेशक हैं तो पत्नी नवजोत सिमी अरवल जिले की SP हैं। इसी वजह से रिची-ताविशी की जोड़ी को जिले का दूसरा ‘पावर कपल’ कहा जा रहा है।
एक ही संस्थान, अलग-अलग सेवाओं का सफर
इस अफसर दंपती की शिक्षा में एक बेहद दिलचस्प संयोग जुड़ा है। पति और पत्नी, दोनों ने ही अपनी इंजीनियरिंग की पढ़ाई दिल्ली के एक ही कालेज से पूरी की है। दोनों ने ‘नेताजी सुभाष इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलाजी’ (एनएसआइटी) से बीटेक किया है। इस संस्थान को अब नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी आफ टेक्नोलाजी के नाम से जाना जाता है। रिची पांडेय की शुरुआती पढ़ाई नई दिल्ली के प्रतिष्ठित संस्कृति स्कूल से हुई है। इंजीनियरिंग के साथ-साथ उन्होंने बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन भी किया है।
AI के एक्सपर्ट हैं रिची पांडेय
प्रशासनिक सेवा में आने से पहले नए डीएम रिची पांडेय कारपोरेट जगत का अहम हिस्सा रहे हैं। उन्होंने अपनी पहली नौकरी ‘द स्मार्ट क्यूब’ नाम की कंपनी में की थी। यह कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर आधारित काम करती है। दुनिया के बड़े व्यवसायों के साथ इसकी सीधी भागीदारी है। इसके बाद उन्होंने एक्सिस बैंक में भी नौकरी की। कारपोरेट का लंबा अनुभव लेने के बाद साल 2016 में उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा पास की और IAS बने। उन्हें बिहार कैडर मिला। उनका IAS ID 115D03 है।
जहानाबाद में काम का मिला राष्ट्रीय सम्मान
प्रशासनिक कामकाज के मामले में रिची पांडेय की छवि एक बेहद सख्त और तेजतर्रार अफसर की रही है। जहानाबाद में डीएम रहते हुए उन्होंने जमीन दस्तावेजों के डिजिटलाइजेशन में बहुत शानदार काम किया था। उनके इस उत्कृष्ट प्रयास को राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली। भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें इसके लिए प्रतिष्ठित ‘भूमि पुरस्कार’ से सम्मानित किया था।
Sitamarhi DM Richie Pandey marked a graceful presence at his staff’s son’s wedding ceremony♥️
A perfect blend of an able officer and an art lover. Truly, “Aaj Mausam Bada Beiman Hai” vibes! 🎶✨ @Richie_IAS pic.twitter.com/SKC6aaYzIF
— सीतामढ़ी जिला 🇮🇳 (@SitamarhiJila) November 30, 2025
अफसर सख्त, अंदाज सुरीला
कामकाज में सख्त दिखने वाले रिची पांडेय असल जिंदगी में कला के भी धनी हैं। वह एक बेहतरीन गायक हैं और उनकी सुरीली आवाज अक्सर लोगों को मंत्रमुग्ध कर देती है। आइएएस ट्रेनिंग सेंटर मसूरी की फेयरवेल पार्टी में उन्होंने ‘संभालो मुझको ओ मेरे यारों संभलना मुश्किल हो गया…’ गाकर अपने साथी अफसरों को अचंभित कर दिया था। जहानाबाद में भी तैनाती के दौरान उन्होंने ‘तू मेरा दिल, तू मेरी जान, ओ आइ लव यू डैडी’ गाकर भाव विभोर कर दिया था। सीतामढ़ी में अपनी पोस्टिंग के दौरान भी उनका यह अंदाज देखने को मिला था। वहां उन्होंने ‘आज मौसम बड़ा बेईमान है…’ गाकर खूब तालियां बटोरी थीं। उनके गायन का सबसे खास पल सीतामढ़ी महोत्सव में आया। वहां उन्होंने मंच पर मशहूर बालीवुड गायक अभिजीत भट्टाचार्य के सामने फिल्म ‘चलते-चलते’ का लोकप्रिय गीत ‘सुनो ना, सुनो ना…’ गाया था। रिची पांडेय की मधुर आवाज सुनकर खुद मूल गायक अभिजीत और वहां मौजूद सभी दर्शक उनके पूरी तरह मुरीद हो गए थे।
संबंधित खबर













