- भगवानपुर प्रखंड की प्रगति ‘शून्य’, दिए कड़े निर्देश
- सभी 18 प्रखंडों की स्वच्छता योजनाओं की हुई समीक्षा
बेगूसराय | समाहरणालय स्थित कार्यालय प्रकोष्ठ में बुधवार को जिला जल एवं स्वच्छता समिति (DWSC) की उच्च स्तरीय बैठक हुई। जिला पदाधिकारी (DM) श्रीकांत शास्त्री की अध्यक्षता में जिले के सभी 18 प्रखंडों की स्वच्छता योजनाओं की समीक्षा की गई। डीएम ने दो टूक कहा कि ग्रामीण स्वच्छता सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में यह बात सामने आई कि जिले में कुल 199 वेस्ट प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित हैं, लेकिन इनमें केवल 141 यूनिट ही पूरी तरह संचालित हैं। वेस्ट प्रोसेसिंग मामले में बलिया, डंडारी और छौड़ाही प्रखंडों का काम सबसे बेहतर है। वहीं भूमि विवाद और एनओसी नहीं मिलने के कारण गढ़पुरा और नावकोठी में काम बिल्कुल धीमा पड़ा है। डीएम ने अधिकारियों को मामले को जल्द सुलझाने का निर्देश दिया।
डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण में भगवानपुर फिसड्डी
डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण की समीक्षा में पाया गया कि जिले के 2,886 वार्डों में से केवल 2,083 वार्डों में नियमित कार्य की प्रविष्टि स्वच्छता मित्र एप पर दर्ज है। भगवानपुर प्रखंड में प्रगति शून्य रहने पर जिला पदाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई। जिले में उपलब्ध 167 ई-रिक्शों में से 76 के बंद पड़े होने पर उन्हें तत्काल चालू कराने का निर्देश दिया गया।
महादलित टोलों में शौचालय निर्माण की सुस्त रफ्तार
महादलित टोलों में व्यक्तिगत शौचालय निर्माण की समीक्षा में बताया गया कि केवल 22 प्रतिशत ही काम हुआ है। 4,117 पात्र परिवारों के लक्ष्य के मुकाबले अब तक केवल 919 शौचालयों का निर्माण हुआ है। हालांकि इस मामले में डंडारी प्रखंड ने बेहतर काम किया है। भगवानपुर और चेरिया बरियारपुर की अत्यंत धीमी प्रगति पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया।

यूजर चार्ज : पूरे जिले से मात्र 1 लाख रुपये की वसूली
बैठक में यूजर चार्ज (उपभोक्ता शुल्क) की बेहद खराब स्थिति सामने आई। जून 2026 में पूरे जिले से महज 1,01,750 रुपये की वसूली हुई, जो कुल लक्षित परिवारों का सिर्फ 0.51 प्रतिशत है। डीएम ने इस पर सख्त नाराजगी जताते हुए सभी प्रखंडों को व्यापक जन जागरूकता अभियान चलाने और वसूली बढ़ाने के निर्देश दिए।
ओडीएफ प्लस : 634 गांव माडल घोषित
जिले के 700 लक्षित गांवों में से 634 गांवों को अब तक ओडीएफ (ODF) प्लस माडल घोषित किया जा चुका है। बचे हुए गांवों का सत्यापन और सर्टिफिकेट अपलोडिंग का काम युद्धस्तर पर पूरा करने को कहा गया है। बैठक के अंत में डीएम ने सभी अधिकारियों को नियमित फील्ड विजिट और निरीक्षण करने की जिम्मेदारी सौंपी। इस मौके पर उप विकास आयुक्त आकाश चौधरी, जिला पंचायत राज पदाधिकारी पूजा प्रीतम सहित संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी और कर्मी मौजूद रहे।










