- भूमि विवाद, दाखिल-खारिज, सीमांकन और अतिक्रमण से जुड़े मामले रहे प्रमुख
- डीएम बोले- शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही और अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं होगी
बेगूसराय | जिले में शुक्रवार को जनता दरबार का आयोजन किया गया। डीएम श्रीकांत शास्त्री ने लोगों की समस्याएं सुनीं। यह कार्यक्रम समाहरणालय स्थित कार्यालय में हुआ। इसका आयोजन बिहार सरकार के ‘सात निश्चय-3’ कार्यक्रम के तहत किया गया। इस अभियान का नाम “सबका सम्मान, जीवन आसान” है। जनता दरबार में जिले भर से फरियादी पहुंचे। लोगों ने अपनी व्यक्तिगत और सार्वजनिक समस्याएं रखीं। इस दौरान कुल 61 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें सबसे ज्यादा मामले जमीन से जुड़े थे। भूमि विवाद, दाखिल-खारिज और सीमांकन की कई शिकायतें आईं। इसके अलावा अतिक्रमण और राजस्व विभाग से जुड़े मामले भी रखे गए।
अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
डीएम ने सभी 61 आवेदनों को ध्यान से पढ़ा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को जरूरी कार्रवाई के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि मामलों का निपटारा तेजी से होना चाहिए। अधिकारियों को पूरी संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ काम करना होगा।
‘जनता और प्रशासन के बीच सेतु है यह दरबार’
डीएम शास्त्री ने कहा कि यह सिर्फ शिकायत लेने का मंच नहीं है। यह प्रशासन और जनता के बीच भरोसे का एक पुल है। लोगों की समस्याओं का समाधान समय पर होना चाहिए। काम में पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए। यह प्रशासन की सबसे पहली जिम्मेदारी है।
शिकायतकर्ताओं को मिले कार्रवाई की जानकारी
डीएम ने सभी विभागों को आपसी तालमेल के साथ काम करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि आवेदनों की निष्पक्ष जांच हो। तय समय के भीतर उनका निपटारा किया जाए। प्रशासन जो भी कार्रवाई करे, उसकी जानकारी शिकायतकर्ता को भी दी जाए। जनहित के कामों में कोई भी देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।










