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पैसे से किताबें खरीद सकते हैं, पर उसमें लिखी बातों को समझने के लिए गुरु का होना जरूरी : डॉ. नीरज

गंगा ग्लोबल बीएड काॅलेज में गुरुवार को शिक्षक दिवस के दिन दो दिवसीय सेमिनार का समापन हुआ। वक्ताओं ने जीवन में गुरु की भूमिका पर प्रकाश डाला।
  • गंगा ग्लोबल बीएड काॅलेज में दो दिवसीय सेमिनार सह शिक्षक दिवस समारोह संपन्न
  • नई शिक्षा नीति 2020 के संदर्भ में डॉ: राधाकृष्णन के विचारों की प्रासंगिकता पर दो दिवसीय सेमिनार संपन्‍न

बेगूसराय | रुपए-पैसे से हम किताब तो खरीद सकते हैं, लेकिन उसमें लिखी बातों को समझने के लिए हमें गुरु या शिक्षक की जरूरत होती है। पृथ्वी पर जीवन के आरंभ काल से ही गुरु का काम मार्गदर्शन का रहा है। गुरु के मार्गदर्शन के बिना छात्रों का भविष्य नहीं संवर सकता। ये बातें गंगा ग्लोबल बीएड काॅलेज के प्राचार्य डाॅ. नीरज ने शिक्षक दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में कही। इससे पहले नई शिक्षा नीति 2020 के संदर्भ में डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन के विचारों की प्रासंगिकता विषय पर आयोजित दो दिवसीय सेमिनार के दूसरे व अंतिम दिन डाॅ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर पुष्प अर्पित किया गया और दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।

कॉलेज के सहायक प्राध्यापक प्रो. परवेज यूसुफ ने प्रशिक्षुओं से कहा कि आपसे बेहतर आपको कोई नहीं जानता है। आप स्वयं को अधिक से अधिक जानने और समझने का प्रयास करें ताकि एक अच्छा शिक्षक बनने में सहायक हों। सहायक प्राध्यापक डॉ. कामायनी कुमारी ने बच्चों के सर्वांगीण विकास की चर्चा करते हुए शिक्षकों को धैर्यवान बनने की सलाह दी।

पढ़िए, प्रशिक्षुओं ने अपने विचार किस प्रकार रखे

दीप प्रज्‍ज्‍वलति कर कार्यक्रम का उद्घाटन करते प्राचार्य व अन्‍य।

मोनू कुमार, कुमारी ममता, नेहा कुमारी, सुप्रिया कुमारी, प्रिया कुमारी, रुचि कुमारी, रूचित पटेल, अभिलाषा कुमारी आदि प्रशिक्षुओं ने नई शिक्षा नीति 2020 के संदर्भ में डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन के विचारों की प्रासंगिकता विषय पर विचार व्यक्त किए। कहा कि अपना मूल्यांकन स्वयं करना होगा। बच्चों के अंदर छिपी प्रतिभाएं बाहर नहीं आ रही हैं। बच्चों के सर्वांगीण विकास पर बल देने की जरूरत है। ज्ञान के साथ कौशल विकास पर ध्यान देना जरूरी है। शिक्षा के बोझ को कम करना होगा। महिला शिक्षा को बढ़ावा देने की आवश्यकता है। शिक्षा को जीवन से जोड़ना होगा। शिक्षा के साथ सह पाठयक्रम गतिविधियों को भी बढ़ावा देना अनिवार्य होगा।

सेमिनार को सफल बनाने की इनकी भूमिका अहम रही
कार्यक्रम का शुभारंभ शिक्षकों के सम्मान में प्रशिक्षु रितेश कुमार और नेहा कुमारी ने गीत प्रस्तुत कर किया। मंच संचालन प्रशिक्षु हर्षिता कुमारी और मुरारी कुमार ने किया। धन्यवाद ज्ञापित करते हुए प्रो. विपिन कुमार ने कहा कि शिक्षक हमेशा छात्रों को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करते हैं। सेमिनार प्रभारी डॉ. कामायनी कुमारी एवं डॉ. अनीथा एस की भूरि-भूरि प्रशंसा करने के साथ ही सेमिनार की सफलता के लिए बधाई दी। मौके पर प्रो. सुधाकर पांडेय, डाॅ अंजली, डॉ. अविनाश कुमार, प्रो. कुन्दन कुमार तथा प्रो. अमर कुमार ने प्रशिक्षुओं को संबोधित किया।

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हिमांशु शेखर

पत्रकारिता ही की है अब तक।
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