नई दिल्ली/एजेंसी | भारतीय सशस्त्र बल के नौ शूरवीरों को कीर्ति चक्र सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। कीर्ति चक्र पाने वालों में 21 पैरा (विशेष बल) के लेफ्टिनेंट कर्नल मनोज फ्रांसिस और 2 पैरा (विशेष बल) के मेजर जितेंद्र राठी शामिल हैं। सात अन्य कीर्ति चक्र मरणोपरांत दिए जाएंगे। इनमें 2 पैरा (विशेष बल) के हवलदार गजेंद्र सिंह, हेड कांस्टेबल जगबीर सिंह, हेड कांस्टेबल बशीर अहमद, कांस्टेबल जसवंत सिंह, कांस्टेबल बलविंदर सिंह और कांस्टेबल तारिक हुसैन तथा इंस्पेक्टर सुनील कुमार शामिल हैं। कीर्ति चक्र शांतिकाल में दिया जाने वाला दूसरा सबसे बड़ा वीरता पुरस्कार है। यह सम्मान असाधारण साहस, शौर्य या आत्म बलिदान के लिए दिया जाता है। शांतिकाल का सर्वोच्च पुरस्कार अशोक चक्र है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर सशस्त्र बलों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के कर्मियों के लिए 78 वीरता पुरस्कारों को मंज़ूरी दी है। इनमें से इनमें 13 पुरस्कार मरणोपरांत दिए जाएंगे।
19 वीरों को शौर्य चक्र से किया जाएगा सम्मानित
इन पुरस्कारों में एक ‘बार टू शौर्य चक्र’, 19 शौर्य चक्र (जिनमें से एक मरणोपरांत दिया जाएगा), पांच ‘बार टू सेना मेडल’ (वीरता के लिए), 36 सेना मेडल (जिनमें से पांच मरणोपरांत दिए जाएंगे), तीन नौसेना मेडल और पांच वायुसेना मेडल भी शामिल हैं। शांतिकाल का तीसरा सर्वोच्च सम्मान शौर्य चक्र है। बार टू शौर्य चक्र ऐसे शूरवीर को दिया जाता है जिसे पहले ही शौर्य चक्र मिल चुका हो। दूसरा पदक देने के बजाय मूल पदक के रिबन पर एक छोटी धातु की पट्टी (‘बार’) जोड़ी जाती है। 44 असम राइफल्स के मेजर आदित्य प्रताप सिंह को ‘बार टू शौर्य चक्र’ से सम्मानित किया गया है।
इन वीरों को मिलेगा शौर्य चक्र
- मेजर परमवीर, 36 राष्ट्रीय राइफल्स
- मेजर तरुण वासुदेवन, 57 राष्ट्रीय राइफल्स
- मेजर केशव कुमार, 12 डोगरा रेजिमेंट
- मेजर गौरव सिंह बृजवाल, 21 ग्रेनेडियर्स
- मेजर विपिन कुमार, 11 राष्ट्रीय राइफल्स
- नायब सूबेदार शंकर राम, 3 असम राइफल्स
- नायब सूबेदार डब्बल सिंह बिष्ट, 21 पैरा (विशेष बल)
- हवलदार जगतार सिंह, 4 पैरा (विशेष बल)
- लांस नायक नरेंद्र सिंधु (मरणोपरांत), 9 राष्ट्रीय राइफल्स
- लांस नायक कपिल देव, 11 राष्ट्रीय राइफल्स
- सिपाही जसविंदर सिंह, 7 सिख लाइट इन्फैंट्री
- लेफ्टिनेंट कमांडर शिवम कुमार, भारतीय नौसेना
- स्क्वाड्रन लीडर सुधीर कुमार, भारतीय वायु सेना
- उप अधीक्षक धीरज सिंह कटोच
- इंस्पेक्टर अजय सिंह चिब
- उप अधीक्षक सुखवीर सिंह
- असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर नियाज अहमद
- डिप्टी कमांडेंट अंजनी कुमार
- कांस्टेबल दीपक साह
सीआरपीएफ को 88 वीरता और सेवा पदक
केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) को 88 वीरता और सेवा पदक मिले। सीआरपीएफ ने बताया कि उसने दो शौर्य चक्र, 24 वीरता पदक, विशिष्ट सेवा के लिए पांच राष्ट्रपति पदक और सराहनीय सेवा के लिए 57 पदक प्राप्त किए हैं। झारखंड में माओवाद-विरोधी अभियान के दौरान असाधारण बहादुरी दिखाने के लिए, 209वीं कमांडो बटालियन फार रिजाल्यूट एक्शन (कोबरा) के डिप्टी कमांडेंट अंजनी कुमार और कांस्टेबल दीपक साह को शौर्य चक्र के लिए चुना गया। वहीं 2024 में हुए जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी दो अभियानों और मणिपुर में उग्रवादियों के खिलाफ सफल अभियान के लिए 24 पदक मिले मिले। विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक विजेताओं में उपमहानिरीक्षक (डीआइजी) एम. दिनाकरन भी शामिल हैं। वह पूर्व में स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) में थे, और अभी चेन्नई के आवडी में सीआरपीएफ भर्ती प्रशिक्षण केंद्र के प्रमुख हैं। दिनाकरन तीन दशकों से अधिक समय से अर्धसैनिक बल में सेवा दे रहे हैं। वह नक्सल रोधी अभियानों की कमान संभाल चुके हैं।
सीबीआइ के अधिकारियों को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक
सीबीआइ के अधिकारियों और और कर्मचारियों को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक और उत्कृष्ट सेवा के लिए पदक से सम्मानित किया गया है। इनमें सहायक पुलिस महानिरीक्षक शोभा दत्ता, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनोज बनर्जी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गिन्नी राणा, पुलिस उपाधीक्षक संजय कुमार सामल, सहायक उप-निरीक्षक रमेश चंद, सहायक उप-निरीक्षक मदन लाल धीमान को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया गया। वहीं सीबीआइ के 15 कर्मियों को उत्कृष्ट सेवा के लिए पदक से सम्मानित किया गया। इनमें उप कानूनी सलाहकार, ब्रिजेश सिंह, वरिष्ठ सिस्टम एनालिस्ट गिरीश जोशी, पुलिस उपाधीक्षक मनोज कुमार, पुलिस उपाधीक्षक ओम प्रकाश चंद्र, पुलिस उपाधीक्षक जहीर अख्तर अंसारी, पुलिस उपाधीक्षक आशीष आनंद, निरीक्षक सरिता यादव, उप-निरीक्षक रोशन कुमार, सहायक उप-निरीक्षक दिलबर सिंह बिष्ट, हेड कांस्टेबल बल्कर सिंह, हेड कांस्टेबल गोविंद सिंह बिष्ट, हेड कांस्टेबल कमलेश कुमार गुर्जर, कांस्टेबल पाल पांडियन आर, कांस्टेबल अजय कुमार सिंह और कांस्टेबल कल्याणदुर्गम सामीउल्लाह शामिल हैं।












