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Begusarai Crime : कांग्रेस नेता हत्याकांड में बीजेपी नेता समेत 12 को उम्रकैद, 20 साल बाद मिली सजा

बेगूसराय के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने कांग्रेस नेता ललन सिंह और उनके भाई के हत्याकांड में भाजपा नेता समेत 12 दाेषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
  • दोषियों पर 20-20 हजार का जुर्माना भी लगाया गया
  • गोली मारने के बाद धारदार हथियार से दोनों को काट दिया था
  • 9 साल पहले जिस कोर्ट ने बरी किया था उसी ने सजा सुनाई

बेगूसराय | बेगूसराय के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने 20 साल पुराने कांग्रेस नेता ललन सिंह और उनके भाई के हत्याकांड में भाजपा नेता समेत 12 दाेषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने दोषियों पर 20-20 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। यह पूरा मामला बेगूसराय के शाम्हो थाना क्षेत्र का है। इस मामले का सबसे रोचक पहलू यह है कि जिस कोर्ट ने 9 साल पहले सभी आरोपियों को बरी किया था आज उसी कोर्ट ने सभी को दोषी मानते हुए आजीवन करावास की सजा दी।

क्या था मामला : 9 मार्च 2004 को अकबरपुर पुरानी डीह निवासी मुकेश सिंह ने नयागांव थाने में एक मामला दर्ज कराया था। आरोप लगाया था कि 8 मार्च 2004 की रात को शाम्हो प्रखंड अंतर्गत अकबरपुर पुरानी डीह गांव के ठाकुरबाड़ी के पास उसके भाई पैक्स अध्यक्ष सह कांग्रेस नेता ललन सिंह और चचेरे भाई सिपुल सिंह को घेरकर आरोपियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। घटना के बावत मृतक के भाई ने कहा कि वह अपने भाई कांग्रेस नेता और पैक्स अध्यक्ष ललन सिंह एवं चचेरा भाई सिपुल सिंह के साथ अग्निकांड के बीच राहत सामग्री बांटकर घर लौट रहे थे। तभी ठाकुरबाड़ी के समीप मिथिलेश सिंह सहित सभी आरोपियों ने घेर कर रोक लिया और गोलीबारी शुरू कर दी। मैं किसी तरह गाड़ी पर से कूदकर झाड़ी में जाकर छिप गया। इसके बाद आरोपियों ने दोनों की गोली मारकर हत्या करने के बाद धारदार हथियार से काटा भी था और रायफल लूट लिया।

कैसे लड़ी गई कानूनी लड़ाई : मामले में सभी आरोपियों को वर्ष 2015 में जिला न्यायालय ने बरी कर दिया था। सूचक मुकेश सिंह इस फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट गए। हाई कोर्ट ने 4 माह के अंदर सुनवाई पूरी करने का आदेश दिया था। इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस चंद्रचूड़ और जस्टिस बेला यह कहते हुए सुनवाई से इनकार कर दिया था कि वे मामले में हाई कोर्ट के फैसले में किसी तरह का हस्तक्षेप नहीं करेंगे। दो जजों की बेंच ने कहा था कि पटना हाई कोर्ट के फैसले से वह बेहद संतुष्ट हैं। इसके बाद केस दाेबारा खुला। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश शबा आलम ने 14 नवंबर 2024 को 12 लोगों को दोषी करार दिया। इस मामले में लंबे समय तक चली बहस तथा 10 गवाहों की गवाही के बाद आज सजा सुनाई। कोर्ट में अभियोजन की ओर से अपर लोक अभियोजक दिलीप कुमार ने जबकि पीड़ित परिवार की ओर से वकील शाह इज्जूर रहमान ने पक्ष रखा। वहीं, बचाव पक्ष की ओर से वकील मंसूर आलम, शशि भूषण झा और राजेश सिंह ने पक्ष रखा।

किन-किन लोगों को सजा दी गई
कोर्ट ने अकबरपुर पुरानी डीह के रहने वाले बीजेपी नेता मिथिलेश सिंह के साथ रोशन सिंह, रविंद्र सिंह, रणधीर कुमार उर्फ दुखा, सुनील सिंह, सुधीर सिंह, संजीव सिंह, कोमल सिंह, शालीग्राम सिंह, अनिल सिंह, मनोज सिंह और रंजीत सिंह को सजा सुनाई है।

जानिए, भारतीय दंड विधान किन धाराओं में सजा सुनाई गई
कोर्ट ने आरोपियों को भारतीय दंड विधान की धारा 302 (हत्या), 148 (दंगा), 149 (दंगा में शामिल होना) और आर्म्स एक्ट की धारा 27 (अनधिकृत रूप से हथियार रखना) के तहत दोषी पाते हुए सजा सुनाई। प्रत्येक आरोपी को आजीवन कारावास और 20 हजार रुपए का जुर्माना लगाया। इसके साथ ही, धारा 148 के तहत 2 साल का कारावास और 2 हजार रुपए का जुर्माना और आर्म्स एक्ट की धारा 27 के तहत 2 साल का कारावास और 5 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया।

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हिमांशु शेखर

पत्रकारिता ही की है अब तक।
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राजेश्वर राय
राजेश्वर राय
1 year ago

Good reporting.Tx.

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