Download App from

ACS सिद्धार्थ के नाम का फर्जी पत्र उद्योग विभाग के कल्याण चौधरी ने उपलब्ध कराया था

शिक्षा विभाग के एसीएस रहे एस. सिद्धार्थ के नाम से फर्जी पत्र उद्योग विभाग में कार्यरत कल्याण चौधरी ने उपलब्ध कराई थी।
  • जिले के 14 गैर सरकारी प्रारंभिक अनुशंसित विद्यालयों के वेतन भुगतान के लिए डीईओ कार्यालय पहुंचे थे दो शातिर
  • जिला शिक्षा पदाधिकारी की सख्ती के बाद एक आरोपी ने गलती कबूली, माफी मांगी

बेगूसराय | अगस्त माह में कुछ शातिरों ने डीएम से मुलाकात कर शिक्षा विभाग के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर रोष जताया था। कहा था कि शिक्षा विभाग के एसीएस एस. सिद्धार्थ के पत्रांक 72, दिनांक 8 अप्रैल 2025 पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। डीएम ने डीईओ को जांच के लिए कहा तो पता चला कि पत्र ही फर्जी है। अब इसी मामले में सोमवार को दो शातिर फिर डीईओ कार्यालय पहुंचे थे। यहां उन्होंने जिला शिक्षा पदाधिकारी मनोज कुमार से उसी पत्र (पत्रांक 72, दिनांक 8 अप्रैल 2025) के आधार पर हुई कार्रवाई की जानकारी मांगी।

डीईओ की सख्ती पर दोनों शातिर ठंडे पड़े
डीईओ ने बातचीत के बाद दोनों से आधार कार्ड मांगा। कर्मचारियों से कहा कि पुलिस को बुलाओ और एफआइआर दर्ज कराओ। ये लोग फर्जीवाड़ा करते हैं। इतना सुनते ही एक शातिर डंडारी निवासी अशोक सम्राट ने माफी मांगी। उसने कहा कि यह पत्र हमें पटना स्थित उद्योग विभाग में कार्यरत कल्याण चौधरी ने उपलब्ध कराई थी। कल्याण चौधरी सुपौल का रहने वाला है। अशोक सम्राट के साथ उसका साथी असगर इमाम भी डीईओ कार्यालय पहुंचा था। इस संबंध में जब कल्याण चौधरी से मोबाइल पर बात की गई तो बताया कि इस मामले से उसका कोई लेना-देना नहीं है। वह न तो अशोक सम्राट हो जानता है और न ही असगर इमाम को। वहीं इस संबंध में अशोक सम्राट ने कॉल रीसिव नहीं किया जबकि असगर इमाम ने कहा कि वह सिर्फ यह जानने डीईओ ऑफिस गया था कि वेतन भुगतान होगा या नहीं।
शातिरों के पास से गया डीईओ कार्यालय का पत्र मिला
पूछताछ के दाैरान शातिर अशोक सम्राट के पास से जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय, गया का एक पत्र मिला। इसमें गया डीपीओ (स्थापना) ने शिक्षकों का वेतन भुगतान शुरू करने की बात कही है। इस पत्र में भी उसी पत्रांक और दिनांक का जिक्र है जो बेगूसराय डीईओ कार्यालय को दिया गया था।
गया डीईओ कार्यालय का पत्र

DocScanner 10 Nov 2025 5-08 pm (1)

जानिए, फर्जी पत्र में क्या लिखा था
पत्र में जिला शिक्षा पदाधिकारी को आदेशित किया गया था कि वे जिले के 14 गैर सरकारी प्रारंभिक विद्यालयों का शत-प्रतिशत निरीक्षण कर विभाग को एक सप्ताह के अंदर प्रतिवेदन सौंपे। पत्र में यह भी लिखा है कि प्रतिवेदन सौंपने के बाद ही इन विद्यालयों को भुगतान मिलेगा।

फर्जी पत्र पढ़ने के लिए नीचे क्लिक करें

2147-1

कैसे खुला फर्जी पत्र होने का मामला
DEO कार्यालय के कर्मियों को पत्र की भाषा पर शक हुआ तो कार्यालय के ई-मेल को खंगाला। ई-मेल पर भी इस तरह का कोई पत्र ACS कार्यालय से नहीं भेजा गया था। DEO ने ACS सिद्धार्थ के आप्त सचिव से बात की और पत्र भेजा। आप्त सचिव ने पत्र को फर्जी बताया। वहीं मनोज कुमार ने इस संबंध में बताया कि जांच में पत्र फर्जी पाया गया है। जिन विद्यालयों की सूची जांच के लिए दी गई थी, वे विद्यालय अस्तित्व में नहीं हैं।

संबंधित खबर

ACS सिद्धार्थ ने चार माह पहले दिया था जांच का आदेश, अब आदेश पत्र ही फर्जी निकला

विद्यालयों की सूची, जिनके वेतन भुगतान के लिए पत्र लिखा गया था

Picture of हिमांशु शेखर

हिमांशु शेखर

17 वर्षों से पत्रकारिता का सफर जारी। प्रिंट मीडिया में दैनिक भास्कर (लुधियाना), अमर उजाला (जम्मू-कश्मीर), राजस्थान पत्रिका (जयपुर), दैनिक जागरण (पानीपत-हिसार) और दैनिक भास्कर (पटना) में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्य करने के बाद पिछले एक साल से newsvistabih.com के साथ डिजिटल पत्रकारिता।
4 1 vote
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments

Share this post:

खबरें और भी हैं...

लाइव क्रिकट स्कोर

HUF Registration Services In IndiaDigital marketing for news publishers

कोरोना अपडेट

Weather Data Source: wetter in Indien morgen

राशिफल

error: Content is protected !!
0
Would love your thoughts, please comment.x
()
x