- मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को सौंपा ज्ञापन
- समृद्धि यात्रा के तीसरे चरण में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आए थे बेगसूराय
बेगूसराय | सूबे के मुखिया नीतीश कुमार अपनी समृद्धि यात्रा के तीसरे चरण के तहत शनिवार को बेगूसराय आए थे। यहां बरौनी प्रखंड स्थित बियाडा में उन्होंने सैकड़ों योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। जनसभा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी उपलब्धियां गिनाईं। इसी कार्यक्रम में दरभंगा स्नातक क्षेत्र से विधान पार्षद सर्वेश कुमार ने कई अहम मुद्दों पर सीएम नीतीश कुमार का ध्यान आकृष्ट कराया और ज्ञापन सौंपा। उन्होंने यह ज्ञापन डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी को भी सौंपा।
एमएलसी सर्वेश कुमार ने वित्त रहित शिक्षकों के मुद्दे को प्रमुखता से रखा। उन्होंने कहा कि बिहार की वित्त रहित शिक्षा नीति के संबंध में 2008 में परीक्षा आधारित अनुदान देने का निर्णय लिया गया था, लेकिन इस दिशा में अब तक कोई सकारात्मक समीक्षा नही हो सकी है। राज्य में लगभग 1500 से अधिक माध्यमिक, उच्चतर माध्यमिक और डिग्री कॉलेज हैं। इनके पास लगभग 10 हजार एकड़ बेशकीमती जमीन है। इसका बाजार मूल्य लगभग 50 हजार करोड़ रुपए है। इन संस्थाओं के अपने भवन भी हैं। सरकार को इनका अधिग्रहण करना चाहिए। ऐसा करने से सात निश्चय-3 के निर्णय के अनुरूप प्रत्येक प्रखंड में एक डिग्री कॉलेज के लिए जमीन, भवन और आधारभूत संरचना आसानी से उपलब्ध हो जाएगी। डिग्री कॉलेज की स्थापना पर खर्च होने वाले लगभग 10 हज़ार करोड़ रुपए की बचत भी होगी। साथ ही साथ संस्थानों में कार्यरत 30 से 35 हजार शिक्षक एवं गैर शिक्षकेत्तर कर्मचारी की सेवा का भी समायोजन हो जाएगा। इन संस्थाओं के कर्मी लंबे समय से संघर्षरत हैं और इनकी मांगें शिक्षा के हित में व न्यायोचित हैं।

पशुपालकों की परेशानी को भी उजागर किया
एमएलसी सर्वेश कुमार ने सौंपे ज्ञापन में बताया कि बिहार में लगभग 2 करोड़ परिवार आर्थिक दृष्टि से कमजोर हैं। उनकी आजीविका का प्रमुख आधार पशुपालन है। पशुओं में गायों की संख्या अधिक है। विकसित टेक्नोलॉजी के कारण ही बाजार में अब सिर्फ बछिया वाला सीमेन उपलब्ध है। बिहार में प्रतिवर्ष ऐसे 2 करोड़ सीमेन स्ट्रा की आवश्यकता है जबकि बछिया वाले सीमेन की उपलब्धता सरकार के स्तर से सिर्फ 50 हजार सीमेन प्रति वर्ष की है। अगर बछिया वाला सीमेन की उपलब्धता सुनिश्चित हो तो पशुओं की नस्ल में सुधार होगा और किसानों की आय बढ़ेगी।
जमीन की उर्वराशक्ति बनाए रखना बहुत जरूरी
विधान पार्षद सर्वेश कुमार ने कहा कि बिहार में कृषि के उपयोग के लिए प्रतिवर्ष लगभग 65 लाख टन रासायनिक खाद की आवश्यकता है। रासायनिक खाद के लगातार उपयोग से जमीन की उर्वरा शक्ति घट रही है। जमीन की उर्वरा शक्ति को बचाए रखने के लिए लगभग 15 लाख टन खाद, विशेष कर गोबर, फसल अवशेष, फ्लाईऐश को बैक्टीरिया कल्चर के उपयोग से, वैकल्पिक नन केमिकल खाद के उत्पादन की योजना बनाने की आवश्यकता है। इससे रासायनिक उर्वरक का प्रयोग 25% तक घट सकेगा और फसल का उत्पादन स्थिर रहेगा।
सिमरिया में जानकी पौड़ी का निर्माण हो
सिमरिया धाम में गंगा के तट पर सरकार द्वारा स्नान घाट, अतिथिगृह, वाच-टावर, शौचालय, चेंज रूम आदि बनाए गए हैं। सिमरिया धाम में वर्ष के लगभग छह महीने गंगा का तट निर्मित घाटों से दूर चला जाता है। विशेषकर गर्मी के दिनों में श्रद्धालुओं को धार्मिक स्नान, पूजा पाठ के लिए 500 मीटर से 8000 मीटर दूर जाना पड़ता है। इस कारण हरिद्वार में जिस तरह हरकी-पौड़ी का निर्माण किया गया है उसी तर्ज पर सिमरिया धाम में एक से दो किलोमीटर का नहर निकाल कर जानकी पौड़ी का निर्माण हो। ऐसा करने से श्रद्धालु भक्तों को सरकार द्वारा निर्मित घाटों पर सालों भर सांस्कृतिक, धार्मिक और स्नान की सुविधा मिलेगी।
माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी ने बेगूसराय के सर्वांगीण विकास को गति देने वाली महत्वपूर्ण योजनाओं को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए ताकि जिले के विकास को नई दिशा और रफ्तार मिल सके।@NitishKumar@DM_Begusarai#SamriddhiYatra2026#JanSamvad#DevelopedBihar#BiharProgress pic.twitter.com/vbQrmju3g0
— IPRD Bihar (@IPRDBihar) March 14, 2026
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