- डेढ़ करोड़ की जमीन और 40 लाख के भूखंड की खरीद जांच के दायरे में
- सीसीटीवी का विरोध करने वाले पदाधिकारी की भूमिका भी चर्चा में
- हाई कोर्ट में सीबीआइ जांच और सीएजी ऑडिट की मांग वाली याचिका दाखिल
अयोध्या/एजेंसी | श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के दानपात्रों से चढ़ावे की धनराशि में कथित चोरी के मामले में जांच लगातार आगे बढ़ रही है। जांच एजेंसियों ने दो और ट्रस्ट कर्मियों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। दोनों की संपत्तियों को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। सूत्रों के अनुसार, रुदौली निवासी लवकुश दानराशि की गणना से जुड़े कार्य में शामिल था। उसके घर से नकदी मिलने की भी जानकारी है। उसने हाल ही में अयोध्या में करीब 40 लाख रुपये का भूखंड खरीदा है। वहां मकान निर्माण भी कराया जा रहा है।
जांच एजेंसियों ने गर्भगृह में तैनात कर्मचारी सेवारत तिवारी को भी पूछताछ के लिए पकड़ा है। महाकुंभ के दौरान चढ़ाए गए सोने-चांदी के आभूषणों को एकत्र करने की जिम्मेदारी उसके पास थी। जांच में पता चला है कि उसने कुछ महीने पहले करीब डेढ़ करोड़ रुपये की जमीन खरीदी है। उसकी आय के मुकाबले यह संपत्ति जांच का विषय बनी हुई है।
एक ही शिफ्ट के कर्मचारियों पर फोकस
जांच में सामने आया है कि अब तक पकड़े गए अधिकांश कर्मचारी एक ही शिफ्ट में दानराशि की गणना करते थे। मिल्कीपुर निवासी अनुकल्प मिश्रा को इस समूह का प्रमुख माना जा रहा है। सूत्रों का दावा है कि उसे कुछ प्रभावशाली लोगों का संरक्षण प्राप्त था।
कैमरे लगाने का हुआ था विरोध
करीब डेढ़ वर्ष पहले गणना कक्ष में सीसीटीवी कैमरे लगाने का प्रस्ताव आया था। बताया जाता है कि ट्रस्ट के एक पदाधिकारी ने इसका विरोध किया था। उनका तर्क था कि वहां काम करने वाले सभी लोग भरोसेमंद हैं। बाद में वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर कैमरे लगाए गए। कुछ कैमरे गुप्त रूप से भी लगाए गए थे। इन्हीं कैमरों की रिकॉर्डिंग से कथित गड़बड़ी का खुलासा हुआ। कर्मचारियों की शिफ्ट वर्षों तक नहीं बदली गई। गणना के बाद नियमित तलाशी नहीं होती थी। गणना कक्ष के आसपास पुलिस की स्थायी तैनाती भी नहीं थी।
ट्रस्ट कर सकता है बड़ा फैसला
जिले के प्रभारी मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने कहा कि मंदिर ट्रस्ट एक स्वायत्त संस्था है। सरकार उसके आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि ट्रस्ट सहायता मांगेगा तो सरकार उस पर विचार करेगी। सूत्रों के अनुसार, ट्रस्ट जल्द पूरे मामले की जानकारी सार्वजनिक कर सकता है। जांच किसी न्यायिक समिति से कराने पर भी विचार किया जा रहा है।
हाई कोर्ट में पहुंचा मामला
चढ़ावा चोरी मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में जनहित याचिका दाखिल की गई है। याचिका में सीबीआइ जांच और सीएजी ऑडिट की मांग की गई है। याचिका अधिवक्ता मोहित अशोक ने दायर की है। इसमें केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार, सीबीआइ, सीएजी और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को पक्षकार बनाया गया है। मामले पर अगले सप्ताह सुनवाई हो सकती है।










