बेगूसराय (बीहट) | चकिया थाना क्षेत्र में महिला से सामूहिक दुष्कर्म की घटना के विरोध में रविवार शाम सिमरिया में लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। दिनकर पुस्तकालय, सिमरिया की ओर से विरोध मार्च निकाला गया। प्रदर्शनकारियों ने दोषियों को फांसी देने और लापरवाह पुलिस व स्वास्थ्य अधिकारियों को बर्खास्त करने की मांग की। विरोध मार्च दिनकर पुस्तकालय से शुरू हुआ। यह सिमरिया-एक पंचायत भवन स्थित राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की प्रतिमा स्थल तक पहुंचा। वहां सभा आयोजित की गई। पूरे इलाके में ‘पीड़िता को न्याय दो’, ‘अपराधियों को फांसी दो’ और ‘महिलाओं को सम्मान दो’ जैसे नारे गूंजते रहे।
दोषियों को फांसी देने की मांग
सभा को संबोधित करते हुए दिनकर पुस्तकालय के अध्यक्ष विश्वंभर सिंह ने कहा कि सामूहिक दुष्कर्म जैसी जघन्य घटना के दोषियों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए। राष्ट्रकवि दिनकर स्मृति विकास समिति के कोषाध्यक्ष रामनाथ सिंह ने कहा कि अन्याय और जुल्म के खिलाफ आवाज उठाना समाज के जीवित होने का प्रमाण है। उन्होंने आरोप लगाया कि पीड़िता के साथ पहले भी ऐसी घटना हुई थी। समय रहते पुलिस कार्रवाई करती तो दोबारा यह घटना नहीं होती।
अधिकारियों पर भी कार्रवाई की मांग
सामाजिक कार्यकर्ता अशोक पासवान ने कहा कि लापरवाह स्वास्थ्य और पुलिस अधिकारियों को तत्काल बर्खास्त किया जाना चाहिए। उन्होंने मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कर जल्द सजा दिलाने की मांग की। भाजपा नेता शंभू प्रसाद सिंह ने घटना को मानवता को शर्मसार करने वाला बताया। युवा कवि प्रियव्रत ने कहा कि समाज लगातार संवेदनहीन होता जा रहा है। उन्होंने महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर चिंता जताई।
जनप्रतिनिधियों ने भी उठाई आवाज
राजेंद्र राय नेताजी, सिमरिया-1 के मुखिया प्रतिनिधि गोपाल कुमार और पंचायत समिति सदस्य प्रतिनिधि अमरदीप सुमन ने भी आरोपितों की शीघ्र गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग की। सभा का संचालन पुस्तकालय सचिव संजीव फिरोज ने किया। विरोध मार्च में उपमुखिया प्रतिनिधि केशव कुमार सिंह, वार्ड सदस्य राहुल कुमार सूरज, गौरव भारद्वाज, कृष्णनंदन यादव, अमन कुमार गौतम, मनीष कुमार, कृष्ण मुरारी, जयकांत राय, पूर्व उपमुखिया दीपक कुमार, गुलशन कुमार, धर्मवीर कुमार समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण, छात्र-छात्राएं और बच्चे शामिल हुए।










