- जनता के सामने होगा पाई-पाई का हिसाब, विकास कार्यों में आएगी पूरी पारदर्शिता
- ‘मन की बात’ के साथ होगा विकास पर मंथन, लापरवाही बरतने पर नपेंगे अधिकारी
- ऑन-द-स्पॉट सुलझेंगी गांव की समस्याएं, ‘निर्णय’ पोर्टल पर दर्ज होंगे पंचायत के फैसले
बेगूसराय | जिले में ग्रामीण विकास और सुशासन को नई रफ्तार मिलने वाली है। जिला प्रशासन ने एक अहम पहल की है। अब से हर महीने के अंतिम रविवार को जिले की सभी ग्राम पंचायतों में ‘पंचायत विकास दिवस’ मनाया जाएगा। जिलाधिकारी श्रीकांत शास्त्री ने इसके लिए सख्त और स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। इस पहल का मुख्य मकसद राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के ‘ग्राम स्वराज’ के सपने को साकार करना है।
पंचायत विकास दिवस में क्या होगा
इस चौपाल में सभी लोग एक साथ मिलकर प्रधानमंत्री के ‘मन की बात’ कार्यक्रम को सुनेंगे। सतत विकास लक्ष्यों के 9 मुख्य विषयों पर बारी-बारी से चर्चा होगी। गांव की मौजूदा योजनाओं की समीक्षा होगी। स्थानीय समस्याओं पर सीधे बात होगी और उनके हल निकाले जाएंगे। काम में पूरी पारदर्शिता रहेगी। ‘ई-ग्राम स्वराज पोर्टल’ के जरिए पंचायत के फंड और खर्चों की जानकारी सीधे जनता के सामने रखी जाएगी।

यह है कार्यक्रम का खाका
- समय: हर महीने का अंतिम रविवार, सुबह 10:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक।
- स्थान: जिले की सभी ग्राम पंचायतें।
- भागीदारी: आम नागरिकों के साथ-साथ पंचायत प्रतिनिधि, जीविका दीदियां, आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी सेविकाएं और स्वयं सहायता समूह हिस्सा लेंगे।
लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई
प्रशासन ने जवाबदेही तय कर दी है। बैठक में लिए गए सभी फैसलों को तय समय के भीतर ‘निर्णय’ पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा। डीएम ने साफ कर दिया है कि इस आयोजन में कोई भी कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अगर किसी पंचायत में लापरवाही मिलती है, तो प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी (BPRO) सीधे जिला मुख्यालय को अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे। इसके बाद दोषियों पर कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने सभी विभागों, जनप्रतिनिधियों और आम जनता से अपील की है कि वे इस अभियान से जुड़ें। आपकी भागीदारी ही ग्रामीण विकास को एक नई उड़ान देगी।








