- कृषि टास्क फोर्स की बैठक में उर्वरक स्टाक और बीज वितरण की हुई गहन समीक्षा
- तय दर पर ही खाद बेचने के सख्त निर्देश, 312 दुकानों पर हुई सघन छापेमारी
- नीति आयोग के विशेष पायलट प्रोजेक्ट के लिए जिले के बछवाड़ा प्रखंड का हुआ चयन
बेगूसराय | जिले में खाद की कालाबाजारी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी श्रीकांत शास्त्री ने इस मुद्दे पर सख्त रुख अपनाया है। शनिवार को समाहरणालय के कारगिल विजय सभा भवन में जिला कृषि टास्क फोर्स और उर्वरक निगरानी समिति की बैठक हुई। इसमें कृषि, पशुपालन और जीविका सहित कई विभागों के कार्यों की समीक्षा की गई। डीएम ने खाद की कीमतों और स्टाक की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि किसानों को सिर्फ सरकारी दर पर ही खाद मिलनी चाहिए। अधिक कीमत वसूलने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी। इसी कड़ी में जिले की 312 खाद दुकानों की जांच की गई। इनमें 11 दुकानों में भारी गड़बड़ी मिली है। कार्रवाई करते हुए 5 खाद विक्रेताओं के लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं। एक विक्रेता का लाइसेंस निलंबित किया गया है, जबकि 5 अन्य से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
91 प्रतिशत से अधिक हुई बोआई
खरीफ मौसम में फसल बोआई की स्थिति जिले में काफी अच्छी है। बैठक में बताया गया कि फसल बोआई का 91.66% लक्ष्य पूरा हो चुका है। मक्का की बोआई 99% से ज्यादा हो चुकी है। वहीं, धान की रोपनी भी 72% के पार पहुंच गई है। कई प्रमुख फसलों के बीज का शत-प्रतिशत वितरण हो चुका है। डीएम ने बचे हुए बीज को भी जल्द बांटने का निर्देश दिया।

ई-केवाईसी में मटिहानी और शाम्हो पीछे
पीएम किसान योजना की भी समीक्षा की गई। जिले में 1,12,649 किसानों का ई-केवाईसी पूरा हो गया है। केवल 432 मामले लंबित हैं। डीएम ने इन्हें तुरंत निपटाने को कहा। मटिहानी और शाम्हो अकहा कुरहा प्रखंड में किसान रजिस्ट्री का काम काफी धीमा है। यहां विशेष अभियान चलाने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
प्राकृतिक खेती और सिंचाई पर जोर
जिले में जैविक खेती को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। नीति आयोग के पायलट प्रोजेक्ट के लिए बछवाड़ा प्रखंड का चयन किया गया है। मटिहानी, डंडारी और बछवाड़ा में 375 किसानों को प्राकृतिक खेती से जोड़ा गया है। सिंचाई व्यवस्था की बात करें तो जिले के 353 नलकूपों में से 228 अभी चालू हैं। खराब पड़े नलकूपों को जल्द ठीक कराया जाएगा। वहीं, जिले में पशुओं की ईयर टैगिंग का काम 100% पूरा हो गया है।
किसानों के हितों से किसी भी कीमत पर कोई समझौता नहीं होगा। कालाबाजारी और जमाखोरी करने वालों पर आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि किसानों को सरकारी दर पर ही खाद मिले। सरकार की सभी कृषि योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से अंतिम किसान तक समय पर पहुंचना चाहिए।
– श्रीकांत शास्त्री, जिलाधिकारी, बेगूसराय










