- बेगूसराय में पंच सम्मेलन में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर
- VB-G RAM G और विकसित ग्राम पंचायत योजना पर हुआ गहन मंथन
- खेती-किसानी के लिए 60 दिनों तक बंद रहेंगे योजना के काम
- पंचायत प्रतिनिधि स्थानीय जरूरत के हिसाब से चुनें योजनाएं: डीएम
बेगूसराय | जिले के प्रेक्षा गृह सह आर्ट गैलरी में शनिवार को एक दिवसीय जिला स्तरीय पंच सम्मेलन हुआ। इसका मुख्य उद्देश्य विकसित भारत–रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (VB-G RAM G) अधिनियम, 2025 को धरातल पर उतारना था। साथ ही विकसित ग्राम पंचायत योजना (VGPP) के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी चर्चा की गई। सम्मेलन में जिलाधिकारी श्रीकांत शास्त्री ने योजना के फायदों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस अधिनियम के तहत ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों के रोजगार की गारंटी दी गई है। यह रोजगार अकुशल शारीरिक श्रम के लिए मिलेगा। इसके तहत जल सुरक्षा, आजीविका और ग्रामीण बुनियादी ढांचे जैसे महत्वपूर्ण काम कराए जाएंगे। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से स्थानीय जरूरत के हिसाब से योजनाएं चुनने की अपील की।
खेती के समय मजदूरों की नहीं होगी कमी
प्रशिक्षकों ने सम्मेलन में एक अहम जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसानों को बुआई और कटाई के समय मजदूरों की कमी नहीं होगी। कृषि कार्यों के लिए 60 दिन अधिसूचित किए गए हैं। इन 60 दिनों के दौरान योजना से जुड़े काम बंद रहेंगे।

डिजिटल निगरानी और पारदर्शिता पर जोर
योजनाओं में पूरी पारदर्शिता बरती जाएगी। इसके लिए रियल-टाइम डिजिटल निगरानी (मानिटरिंग) की व्यवस्था की गई है। सम्मेलन में प्रशासनिक स्वीकृति, तकनीकी स्वीकृति और वित्तीय अधिकारों पर भी बात हुई।
मुखियाओं ने साझा किए अपने अनुभव
सम्मेलन में ग्राम पंचायत के समग्र विकास पर बल दिया गया। इसके लिए संसाधनों और प्राथमिकताओं के आधार पर योजना बनाने को कहा गया। विभिन्न प्रखंडों से आए मुखियाओं ने अपने अनुभव और सुझाव मंच पर साझा किए। अंत में सभी जनप्रतिनिधियों से पंचायतों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने का आह्वान किया गया। सम्मेलन में उप विकास आयुक्त आकाश चौधरी और जिला परिषद अध्यक्ष सुरेंद्र पासवान के अलावा एनईपी निदेशक पूजा कुमारी, डीआरडीए निदेशक विवेक कुमार, मनरेगा डीपीओ बिट्टू कुमार सहित कई पंचायत प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।











