- इस्तीफे पर अभी फैसला नहीं, 7 जुलाई को बैठक
- मामले में आठ आरोपितों को भेजा जा चुका जेल
अयोध्या/एजेंसी | राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले ने बड़ा तूल पकड़ लिया है। सवालों के घेरे में आए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के बड़े पदाधिकारियों ने पद छोड़ दिया है। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य डॉ. अनिल कुमार मिश्र ने अपना इस्तीफा सौंप दिया है। दोनों ने अपना त्यागपत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंददेव गिरि को दिया है। ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास लंबे समय से बीमार चल रहे हैं। अध्यक्ष के बाद महासचिव और फिर कोषाध्यक्ष का पद अहम होता है। इसीलिए चंपत राय ने अपना इस्तीफा सीधे कोषाध्यक्ष को सौंपा। यह कदम ऐसे वक्त में उठाया गया है, जब चोरी मामले में गिरफ्तार आठ आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है।
ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंददेव गिरि ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर एक पत्र पोस्ट किया। इसी से इस्तीफे की जानकारी सार्वजनिक की गई। वहीं ट्रस्ट के सदस्य कृष्णमोहन ने बताया कि 7 जुलाई को ट्रस्ट की त्रैमासिक बैठक होनी है। अभी त्यागपत्र स्वीकृत नहीं हुआ है। बैठक में विचार-विमर्श के बाद ही इस पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। वहीं दूसरी ओर शनिवार को राम मंदिर के व्यवस्थापक गोपाल राव को भी पद से हटाए जाने की चर्चा जोरों पर रही। लेकिन, यह खबर कोरी अफवाह निकली। बता दें कि मंदिर निर्माण के समय उन्हें निर्माण प्रभारी बनाया गया था और अब वे व्यवस्थापक की भूमिका में हैं।
क्या है मामला और अब तक की कार्रवाई
5 जून: राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला पहली बार चर्चा में आया।
13 जून: मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने तीन सदस्यीय एसआइटी (SIT) का गठन किया।
23 जून: एसआइटी ने अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सौंपी।
गिरफ्तारी: रिपोर्ट के आधार पर ट्रस्ट ने एफआइआर दर्ज कराई। अब तक इस मामले में आठ आरोपितों को गिरफ्तार कर गुरुवार को जेल भेजा जा चुका है।
भक्तों का दान सुरक्षित, दोषियों को मिलेगी सजा
कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंददेव ने रामभक्तों को बड़ा भरोसा दिलाया है। उन्होंने पत्र में स्पष्ट किया कि “जिन रामभक्तों ने प्रभु श्रीराम की सेवा में चांदी की ईंटें या आभूषण ट्रस्ट के अधिकारियों को सौंपे हैं, वे पूरी तरह सुरक्षित हैं। सभी वस्तुओं का पूरा हिसाब उपलब्ध है। असामाजिक और स्वार्थी तत्वों द्वारा सनातन धर्म पर लांछन लगाने का प्रयास हम सफल नहीं होने देंगे। भविष्य में ऐसी कोई दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति न बने, यह हम सुनिश्चित करेंगे। दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी।”
पेजावर मठ के पीठाधीश्वर ने जताया खेद
अब तक खामोश रहे कर्नाटक के उडुप्पी स्थित पेजावर मठ के पीठाधीश्वर भी सामने आए हैं। ट्रस्टी और धार्मिक कार्य समिति के अध्यक्ष स्वामी विश्वप्रसन्नतीर्थ महाराज ने मीडिया से बात की। उन्होंने कहा, “हम इस घटना की जांच करेंगे। हुई गलतियों के लिए हम खेद व्यक्त करते हैं। इस अपराध में जो भी शामिल है, उसे हर हाल में दंडित किया जाएगा।”
एसआइटी रिपोर्ट के बाद चुप्पी तोड़ेंगे चंपत राय
इस्तीफा देने के बाद चंपत राय अभी खुलकर सामने नहीं आए हैं। उनके करीबियों का कहना है कि वे अभी खामोश रहेंगे। जब एसआइटी की अंतरिम जांच रिपोर्ट सामने आ जाएगी, तब वे मीडिया के सामने अपना पूरा पक्ष रखेंगे। चंपत राय ने करीबियों से यह जरूर कहा है कि मीडिया में उनके खिलाफ जिस तरह का दुष्प्रचार किया जा रहा है, उससे वे काफी आहत हैं।










