- बखरी में ‘सखी वार्ता’ का आयोजन
- छात्राओं ने जाने कानूनी अधिकार
- महिला सशक्तीकरण पर दिया गया जोर
बेगूसराय (बखरी) | महिला एवं बाल विकास निगम ने बुधवार को बखरी में ‘सखी वार्ता’ का आयोजन किया। यह कार्यक्रम पीएम श्री लक्ष्मी उदित नारायण +2 उच्च विद्यालय, शकरपुरा में हुआ। ‘मिशन शक्ति’ और ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ योजना के तहत यह पहल की गई। इसका मुख्य मकसद महिलाओं और छात्राओं को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना था। जिला परियोजना प्रबंधक डा. अनुजा कुमारी ने कार्यक्रम में कानूनी अधिकारों पर जोर दिया। उन्होंने मुफ्त कानूनी सहायता और घरेलू हिंसा संरक्षण अधिनियम की जानकारी दी। डॉ. अनुजा ने बाल विवाह को एक गंभीर सामाजिक बुराई और दंडनीय अपराध बताया। उन्होंने कहा कि बाल विवाह में शामिल लोगों पर सख्त कार्रवाई होती है। उन्होंने बेटियों की शिक्षा को सर्वोपरि रखने की अपील की।
साइबर अपराधों से रहने को कहा सतर्क
जिला मिशन समन्वयक राजकुमार सिन्हा ने कई कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने वन स्टाप सेंटर और ‘181 महिला हेल्पलाइन’ के फायदे बताए। उन्होंने दहेज प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों पर तीखा प्रहार किया। साथ ही, आज के दौर में बढ़ते साइबर अपराधों से बचने के लिए छात्राओं को सतर्क रहने की सलाह दी।
जागरूकता ही है असली सशक्तीकरण
बखरी वन स्टाप सेंटर की प्रशासक ब्यूटी कुमारी ने कार्यक्रम का सार रखा। उन्होंने कहा कि ‘सखी वार्ता’ का लक्ष्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़ी महिला तक पहुंचना है। महिलाएं अपने अधिकारों को पहचानेंगी, तभी उनका असली सामाजिक और आर्थिक सशक्तीकरण होगा। कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षकों के अलावा भारी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। बच्चों ने महिला सुरक्षा और कानूनी अधिकारों से जुड़े कई महत्वपूर्ण टिप्स सीखे।










