- वक्ताओं ने रेखांकित किया विधि शिक्षा का महत्व
बेगूसराय | रामकुमारी अयोध्या विधि महाविद्यालय का स्थापना दिवस सोमवार को कालेज परिसर में सादगी और गरिमा के साथ मनाया गया। समारोह की शुरुआत स्वर्गीय अयोध्या प्रसाद सिंह और रामकुमारी देवी के तैलचित्र पर माल्यार्पण से हुई। शिक्षकों, अतिथियों और छात्र-छात्राओं ने दोनों विभूतियों को याद किया और उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। समारोह की अध्यक्षता प्रभारी प्राचार्य प्रो. मुकेश कुमार ने की। कार्यक्रम का संचालन प्रो. मृत्युंजय ने किया। मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व प्राचार्य प्रो. रामलोचन सिंह, वरिष्ठ अधिवक्ता दीवाकर सिंह और माया कौशल्या फाउंडेशन के सचिव रौशन कुमार मौजूद रहे।
वक्ताओं ने कहा कि विधि शिक्षा सिर्फ वकील तैयार करने का माध्यम नहीं है। यह संविधान के प्रति सम्मान, न्याय और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना जगाने का आधार है। उन्होंने छात्रों से कानून के ज्ञान का उपयोग सामाजिक न्याय और जागरूकता बढ़ाने के लिए करने की अपील की। वक्ताओं ने कालेज की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुशासित माहौल और विद्यार्थी-केंद्रित व्यवस्था की तारीफ की।
इस मौके पर प्राध्यापक संजीव कुमार, संजीत कुमार, सनाऊर रहमान, नवीन कुमार पासवान और विवेक कुमार मौजूद थे। कर्मचारियों में राहुल, अविनाश और सोनू सहित अंशुमन, रामसुदीन, वर्षा, मन्नू जैसे कई छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। समारोह का समापन कॉलेज की परंपराओं को बनाए रखने और संवैधानिक मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने के संकल्प के साथ हुआ।











