- एसपी ने संभाला मोर्चा, जिलेभर में अलर्ट
- रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर बढ़ाई गई निगरानी
बेगूसराय | रतनपुर स्थित समाज कल्याण विभाग के बालिका गृह से पांच नाबालिग के एक साथ लापता होने से पुलिस और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। रविवार रात बालिकाएं बालिका गृह से गायब हो गईं। सोमवार सुबह प्रबंधन को इसकी जानकारी हुई। इसके बाद रतनपुर थाना पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक मनीष स्वयं बालिका गृह पहुंचे। उन्होंने वार्डन और कर्मचारियों से पूछताछ की तथा अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। चर्चा है कि नाबालिग लड़कियां खिड़की में दुपट्टा बांधकर नीचे उतरीं और भाग गईं।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
एसपी ने बताया कि सदर-1 डीएसपी आनंद कुमार पांडेय बालिका गृह में कैंप कर रहे हैं। जिला बाल संरक्षण इकाई (डीसीपीयू) और बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) को भी सूचना दे दी गई है। डीएसपी के नेतृत्व में पुलिस टीम बालिका गृह और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि पांचों बालिकाएं किस रास्ते से बाहर निकलीं और किस दिशा में गईं। पुलिस ने जिले के सभी थानों को अलर्ट कर दिया है। जीआरपी और आरपीएफ को भी सूचना देकर रेलवे स्टेशनों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। बस स्टैंड और अन्य संभावित ठिकानों पर भी जांच की जा रही है। सर्विलांस और तकनीकी टीम भी जांच में जुटी है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
रतनपुर स्थित यह बालिका गृह दो मंजिला भवन में संचालित है। यहां 50 से अधिक नाबालिग रहती हैं। एक साथ पांच नाबालिगों के लापता होने की घटना ने बालिका गृह की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अन्य संवासिनों और कर्मचारियों से भी पूछताछ कर रही है। बालिकाओं की सकुशल बरामदगी फिलहाल पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है।
सात साल पहले भी भागी थीं पांच लड़कियां
बालिका गृह से नाबालिगों के भागने की यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी 9 सितंबर 2019 को पांच लड़कियां रतनपुर बालिका गृह से भागी थीं। लड़कियों ने महिला गार्ड को बंधक बना उससे चाबी छीन ली थी। घटना के बाद पुलिस ने चार लड़कियों को बेगूसराय रेलवे स्टेशन पर राज्यरानी ट्रेन से बरामद किया था, लेकिन एक का अब तक पता नहीं चल सका है। वहीं दिसंबर 2020 को बरबीघा (शेखपुरा) की 17 वर्षीय किशोरी ने बालिका गृह में आत्महत्या कर ली थी।










