- ‘आपकी कला, आपका रंगमंच’ कार्यक्रम के तहत मिल रहा रंगमंच
- राष्ट्रीय व जिला स्तर के विशेषज्ञ बच्चों को सिखा रहे कला की बारीकियां
- स्कूली शिक्षा के साथ कला बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए जरूरी
बेगूसराय (मटिहानी) | जिले के बच्चों की छिपी प्रतिभा को निखारने के लिए एक शानदार पहल की गई है। ‘आपकी कला, आपका रंगमंच’ कार्यक्रम के तहत 10 दिवसीय निशुल्क ‘बाल रंग कार्यशाला’ का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन श्री विजय राघव आदर्श राजकीयकृत मध्य विद्यालय (बदलपुरा, मटिहानी) में चल रहा है। इसे कला एवं सांस्कृतिक विभाग (बेगूसराय), नवकिरण आर्ट फाउंडेशन और विद्यालय प्रबंधन ने संयुक्त रूप से आयोजित किया है। कार्यशाला में 40 से 50 बच्चे हिस्सा ले रहे हैं। बच्चों को रंगमंच, फाइन आर्ट्स, शास्त्रीय संगीत, लोक संगीत और नृत्य का विधिवत प्रशिक्षण दिया जा रहा है। राष्ट्रीय और जिला स्तर के विशेषज्ञ बच्चों का मार्गदर्शन कर रहे हैं। नाट्य विधा में डा. सनोज शर्मा और सचिन कुमार बच्चों को अभिनय के गुर सिखा रहे हैं। शास्त्रीय संगीत में सुश्री दामिनी मिश्रा और लोक संगीत में अंगद कुमार प्रशिक्षण दे रहे हैं। वहीं, नृत्य की जिम्मेदारी चिंटू स्वेग उर्फ रामाश्रय कुमार और पेंटिंग/फाइन आर्ट्स की जिम्मेदारी मनीष कौशिक निभा रहे हैं।

सफलता के लिए एकाग्रता जरूरी
जिला कला एवं सांस्कृतिक पदाधिकारी श्याम कुमार सहनी ने भी कार्यशाला में शिरकत की। उन्होंने बच्चों को रंगमंच के अहम पहलुओं से अवगत कराया। जीवन में सफलता के लिए उन्होंने ‘ध्यान की एकाग्रता’ (कंसंट्रेशन) का महत्व समझाया। इसके लिए बच्चों से कई रोचक और व्यावहारिक गतिविधियां भी कराई गईं। उन्होंने कहा कि स्कूली शिक्षा के साथ कला बेहद जरूरी है। इससे बच्चों का व्यक्तित्व निखरता है और उनका शैक्षणिक विकास होता है। कला बच्चों में रचनात्मकता, आत्मविश्वास और अनुशासन लाती है। यह बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने का एक मजबूत माध्यम है।
इनका मिल रहा अहम योगदान
कार्यशाला के सफल संचालन में विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती कंचन कुमारी की अहम भूमिका है। संस्था के सचिव व कार्यशाला निर्देशक डा. सनोज शर्मा और सहयोगी सुजीत कुमार भी बच्चों के बौद्धिक विकास में पूरा सहयोग दे रहे हैं। मौके पर विद्यालय के सभी शिक्षकगण, प्रशिक्षक, छात्र-छात्राएं और स्थानीय लोग मौजूद रहे।











