- आलीशान घर में 7 घंटे तक चली पुलिस की सघन छापेमारी
- शराब, ‘भारत सरकार’ लिखी लग्जरी गाड़ियां और संदिग्ध ID कार्ड बरामद
- कोरोना काल में गांव लौटा था, रातों-रात खड़ा किया करोड़ों का साम्राज्य
- दावों की खुली पोल, अब पुलिस की गिरफ्त में फर्जी ‘सीक्रेट एजेंट’
खगड़िया | जिले के गोगरी इलाके में शनिवार को एक अजीबोगरीब मामला सामने आया। पुलिस ने एक ऐसे व्यक्ति के घर छापेमारी की, जो खुद को आइएएस अधिकारी बताकर रौब गांठ रहा था। पुलिस के पहुंचते ही उसने अपना परिचय बदल दिया। उसने खुद को भारत सरकार के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का अंडरकवर एजेंट बताया। हालांकि, पुलिस के सामने वह अपने दावे का कोई ठोस प्रमाण नहीं दे सका। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
दोपहर से रात तक चला आपरेशन
खगड़िया एसपी के निर्देश पर छापेमारी के लिए विशेष टीम गठित की गई थी। टीम में डीआइयू के अधिकारी भी शामिल थे। गोगरी एसडीपीओ चंदन कुमार ठाकुर के नेतृत्व में टीम ने मनीष कुमार गुप्ता के आलीशान मकान पर कार्रवाई की। छापेमारी दोपहर करीब दो बजे शुरू हुई। कार्रवाई रात करीब नौ बजे तक चली। करीब सात घंटे तक पुलिस घर के अंदर और परिसर में जांच करती रही। एसडीपीओ के अनुसार, पुलिस ने मनीष से उसकी पहचान पूछी। उसने खुद को आइएएस अधिकारी बताया। बाद में उसने खुद को एनएसए अजीत डोभाल का अंडरकवर एजेंट बताया। लेकिन पुलिस को ऐसा कोई दस्तावेज नहीं मिला, जिससे उसके दावे की पुष्टि हो सके।

घर से मिलीं दो लग्जरी गाड़ियां
पुलिस ने छापेमारी के दौरान दो लग्जरी वाहन बरामद किए। दोनों वाहनों पर भारत सरकार लिखा बोर्ड लगा था। पुलिस ने एक अधिकारी का आइडी कार्ड भी बरामद किया है। एसडीपीओ ने बताया कि आइडी कार्ड का सत्यापन अभी नहीं हो सका है। इसलिए उसके आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। पुलिस ने आवास से शराब भी बरामद की है। एसडीपीओ ने शराब और दोनों वाहनों की बरामदगी की पुष्टि की है।
पहचान पर ही उलझ गया पूरा मामला
पूछताछ में मनीष ने खुद को भारत सरकार का अधिकारी बताया। पुलिस ने जब इसका प्रमाण मांगा तो वह कोई ठोस दस्तावेज नहीं दिखा सका। इसके बाद उसके अंडरकवर एजेंट होने के दावे की भी जांच शुरू कर दी गई। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद आइडी कार्ड असली है या नहीं। वाहनों पर भारत सरकार का बोर्ड लगाने का आधार क्या था। मनीष ने खुद को सरकारी अधिकारी बताकर किसी को प्रभावित किया या नहीं। इन सभी बिंदुओं की जांच की जा रही है।
कोरोना काल से पैतृक घर में रह रहा था
मनीष कुमार गुप्ता खगड़िया के गोगरी स्थित केडीएस कॉलेज के पूर्व प्राध्यापक स्व. परमेश्वर गुप्ता के छोटे पुत्र हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, मनीष पहले अपने भाइयों के साथ बाहर रहता था। कोरोना काल के दौरान वह अपने पैतृक घर लौट आया था। इसके बाद से वह यहीं रह रहा था। इसी दौरान उसने आलीशान मकान बनाया। उसके पास लग्जरी वाहन भी होने की बात स्थानीय लोगों ने बताई। फिलहाल पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। बरामद आइडी कार्ड और अन्य सामान का सत्यापन कराया जा रहा है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ होगी।










