Download App from

छह महीने से वेतन के इंतजार में संस्कृत-मदरसा शिक्षक

  • जेडीयू एमएलसी खालिद अनवर और एमएलसी वंशीधर ब्रजवासी ने शिक्षा मंत्री से की मांग

पटना | बिहार में संस्कृत और मदरसा बोर्ड से जुड़े हजारों शिक्षक और कर्मचारी गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। इन्हें पिछले छह महीनों से वेतन नहीं मिला है। लंबे समय से भुगतान नहीं होने के कारण शिक्षकों के सामने परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। मुख्यमंत्री के स्तर से वेतन भुगतान के स्पष्ट निर्देश दिए जाने के बावजूद राशि जारी नहीं होने पर अब राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है। जेडीयू एमएलसी मो. खालिद अनवर और एमएलसी वंशीधर ब्रजवासी ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने लंबित वेतन का तत्काल भुगतान करने की मांग की है।

‘जांच के नाम पर मामला लटकाया जा रहा’
वंशीधर ब्रजवासी और मो. खालिद अनवर ने आरोप लगाया कि शिक्षा विभाग जांच के नाम पर मामले को अनावश्यक रूप से लंबित कर रहा है। उन्होंने कहा कि विभागीय सुस्ती का खामियाजा हजारों शिक्षक और उनके परिवार भुगत रहे हैं। छह महीने से वेतन नहीं मिलने के कारण कई परिवार गंभीर आर्थिक तंगी में हैं। इसके बावजूद विभागीय स्तर पर उनकी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं संस्कृत और बोर्ड के शिक्षकों के वेतन का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दे चुके हैं। बावजूद अब तक ठोस कार्रवाई नहीं होना चिंता का विषय है।
‘खजाने में पैसे की कमी नहीं’
दोनों विधान पार्षदों ने सरकार की वित्तीय स्थिति को लेकर उठ रहे सवालों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार के खजाने में धन की कमी नहीं है। यह समस्या वित्तीय संसाधनों की नहीं है। यह अधिकारियों की विभागीय उदासीनता का परिणाम है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की शिक्षा संबंधी नीतियों की भी सराहना की। कहा कि नीतीश कुमार ने शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और सभी वर्गों को समान अवसर देने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए। संस्कृत-मदरसा बोर्ड के शिक्षकों के साथ नियोजति शिक्षकों के कल्याण के लिए भी सकारात्मक फैसले लिए गए थे।
आंदोलन की चेतावनी
वेतन नहीं मिलने से शिक्षकों में आक्रोश बढ़ रहा है। शिक्षकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द बकाया वेतन का भुगतान नहीं किया गया, तो वे अपने अधिकारों के लिए सड़क पर उतरेंगे। बड़े आंदोलन की बात भी कही गई है। दोनों विधान पार्षदों ने भी चेतावनी दी है कि समय रहते समस्या का समाधान नहीं हुआ तो यह मुद्दा बड़े जन आंदोलन का रूप ले सकता है।
तेजस्वी ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र
इस बीच नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर शिक्षा से जुड़े कई मुद्दे उठाए हैं। उन्होंने अनुदानित संस्कृत और मदरसा विद्यालयों के शिक्षक-कर्मियों के लंबित वेतन का अविलंब भुगतान करने का आग्रह किया है।
Picture of विनोद कर्ण

विनोद कर्ण

पत्रकारिता में 37 वर्षों का अनुभव। 1988 में पटना से प्रकाशित होने वाले हिन्दी दैनिक नवभारत टाइम्स से जुड़े। 1995 से 2000 तक मधुबनी से हिन्दी दैनिक आज के जिला संवाददाता रहे। अप्रैल 2000 से अगस्त 2002 तक अमर उजाला के जालंधर संस्करण में अबोहर के ब्यूरो चीफ रहे। गंभीर रूप से दुर्घटनाग्रस्त होने के कारण इस पेशे से 4 साल दूर रहे। 2006 में दैनिक जागरण, बेतिया से नई पारी शुरू की। तीन माह बाद सिल्लीगुड़ी स्थानांतरित। फिर पटना तबादला। 2008 से 2014 तक दैनिक जागरण, बेगूसराय और खगड़िया में ब्यूरो चीफ रहे। 2014 से 2017 तक दैनिक जागरण भागलपुर में डेस्क पर सीनियर सब एडिटर रहे। उसके बाद से न्यूज पोर्टल लाइव सिटीज, बिफोर प्रिंट और टॉप हिन्दी न्यूज से जुड़े रहे। वर्तमान में समकालीन तापमान के साथ-साथ newsvistabih.com न्यूज पोर्टल में स्वतंत्र रूप से लेखन जारी।
0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted

Share this post:

खबरें और भी हैं...

लाइव क्रिकट स्कोर

HUF Registration Services In India
Digital marketing for news publishers

कोरोना अपडेट

Weather Data Source: wetter in Indien morgen

राशिफल

error: Content is protected !!
0
Would love your thoughts, please comment.x
()
x