- टनल में अंदर फंसे श्रमिकों को निकालने के लिए युद्धस्तर पर चल रहा काम
अलकनंदा नदी पर बना रहा है 444 मेगावाट का यह प्रोजेक्ट
चमोली (उत्तराखंड) | चमोली जिले में अलकनंदा नदी पर बन रही विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की सुरंग में भूस्खलन से नौ श्रमिकों की मौत हो गई, जबकि 13 घायल हो गए। टनल में अंदर फंसे करीब छह मजदूरों के फंसे होने की सूचना है। उनको निकालने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। बताया जा रहा कि घटना के समय 28 श्रमिक सुरंग में काम कर रहे थे। घटना गुरुवार शाम पौने सात बजे हुई। ज्यादातर श्रमिक बिहार, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब व छत्तीसगढ़ के बताए जा रहे हैं।
परियोजना का 70 प्रतिशत कार्य हो चुका पूरा
444 मेगावाट वाली इस परियोजना का लगभग 70 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। साढ़े तीन किलोमीटर लंबी सुरंग के 1.8 किमी भीतर जब भूस्खलन हुआ, तब पहली शिफ्ट समाप्त होने में एक घंटा बचा था। सुरंग में केविटी पैकिंग के बाद ग्राउटिंग किया जा रहा था। इसी दौरान जोरदार धमाका हुआ और पानी के साथ मलबा सुरंग में भर गया। मलबा भरने से मजदूरों में अफरातफरी मच गई।

मृतकों में छह की जानकारी नहीं
चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और बचाव कार्य शुरू किया। घायलों में तीन की जिला अस्पताल गोपेश्वर में मौत गई। मृतकों में चंबा निवासी प्रदीप पंवार, मुकेश, दुर्लभ शर्मा समेत नौ शामिल हैं। छह मृतकों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई है।
हालात पर नजर बनाए हैं सीएम
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन, पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आइटीबीपी व सेना की टीम मौके पर राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं। सुरंग में फंसे प्रत्येक व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालना हमारी प्राथमिकता है। मैं स्वयं स्थिति पर नजर रखे हुए हूं और आवश्यकतानुसार हरसंभव कदम उठाए जा रहे हैं।
भूस्खलन में ये लोग हुए घायल
- तिलक राज, चंबा
- रोहित पांडे, कल्याणपुर, (बिहार)
- चंदन कुमार सिंह, रोहतास, बिहार
- खेला राम, झारखंड
- दीना बेंगरा, झारखंड
- निस्तर मैंगरा, झारखंड
- विनोद रायना, झारखंड
- हबील गुड़िया, झारखंड
- पैल सिंह नेतांग, छत्तीसगढ़
- सुनील दीवान, छत्तीसगढ़









