बेगूसराय | भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद कामरेड शत्रुघ्न प्रसाद सिंह के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने चकिया थाना क्षेत्र में हुई दिल दहला देने वाली सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) की पीड़िता से अस्पताल जाकर मुलाकात की। इस रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात पर गहरी चिंता और आक्रोश व्यक्त करते हुए पूर्व सांसद ने इसे मानवता को शर्मसार करने वाली घटना बताया।
50 साल की राजनीति में बेगूसराय में ऐसा खौफनाक मंजर पहली बार
पीड़िता से मिलने के बाद अपनी तीखी प्रतिक्रिया में भाकपा नेता शत्रुघ्न प्रसाद सिंह ने कहा, “मैंने अपने 50 साल के सक्रिय राजनीतिक जीवन में बेगूसराय जिले के भीतर मानवता को तार-तार करने वाली ऐसी क्रूर घटना पहली बार देखी है। यह सीधे तौर पर दूसरा निर्भया कांड है।” उन्होंने बिहार सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि सम्राट चौधरी के शासनकाल में पुलिस-अपराधी गठजोड़ सत्ता के संरक्षण में फल-फूल रहा है। उन्होंने खुलासा किया कि इसी साल मार्च महीने में भी इन्हीं अपराधियों ने पीड़िता के साथ मारपीट, लूटपाट और छेड़खानी की थी, लेकिन पुलिस प्रशासन ने उस मामले को बेहद हल्के में लिया, जिसका नतीजा आज इस खौफनाक वारदात के रूप में सामने आया है।

पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही पर स्पीडी ट्रायल की मांग
पूर्व सांसद ने इस मामले में न केवल पुलिस बल्कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से भी गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। भाकपा नेता ने चेतावनी दी कि पार्टी इस क्रूरता के खिलाफ चुप नहीं बैठेगी। वे सड़क से लेकर न्यायालय तक तब तक संघर्ष जारी रखेंगे जब तक पीड़िता को न्याय नहीं मिल जाता।प्रतिनिधिमंडल में ये प्रमुख नेता रहे शामिलपीड़िता से मिलने पहुंचे इस भाकपा प्रतिनिधिमंडल में पूर्व सांसद शत्रुघ्न प्रसाद सिंह के साथ भाकपा के वरिष्ठ नेता अनिल कुमार अंजान, इंद्रदेव कुमर, सुनील कुमार सिंह, अरुण कुमार और ऑल इंडिया यूथ फेडरेशन (AIYF) के नेता मुकेश कुमार सिंह मुख्य रूप से शामिल थे।
सरकार और प्रशासन से मुख्य मांगें
- दोषियों पर सख्त कार्रवाई: लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों और दोषी चिकित्सकों/स्वास्थ्य कर्मियों की जांच कर उन पर स्पीडी ट्रायल चलाया जाए।
- आजीवन कारावास की सजा: अपराधियों को सख्त से सख्त कानूनी सजा दिलाकर आजीवन कारावास सुनिश्चित किया जाए।
- पीड़िता को सुरक्षा और भरण-पोषण: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी तुरंत हस्तक्षेप कर पीड़िता के मुफ्त इलाज, पूर्ण सुरक्षा और जीवनभर के भरण-पोषण की पूरी जिम्मेदारी लें।










