- मध्य विद्यालय सूजा भर्रा के प्रधानाध्यापक पर दुर्व्यवहार और मनमानी का आरोप
- विद्यालय के 18 शिक्षकों ने दी शिकायत, डीईओ ने दिए जांच के आदेश
बेगूसराय | जिले के मध्य विद्यालय सूजा भर्रा में प्रधानाध्यापक और शिक्षकों के बीच विवाद का मामला सामने आया है। विद्यालय के 18 शिक्षकों ने प्रधानाध्यापक चेतन कुमार पर दुर्व्यवहार, अमर्यादित भाषा के प्रयोग और मनमानी करने का आरोप लगाया है। मामले की सुनवाई जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) मनोज कुमार ने की। शिक्षकों का आरोप है कि प्रधानाध्यापक अक्सर उनके साथ अपमानजनक व्यवहार करते हैं। यहां तक कि बच्चों के सामने भी शिक्षकों को फटकार लगाई जाती है, जिससे उनकी गरिमा प्रभावित होती है।
विवाद का एक प्रमुख कारण आकस्मिक अवकाश (सीएल) को लेकर जारी निर्देश भी है। शिक्षकों के अनुसार प्रधानाध्यापक ने कहा है कि यदि किसी को सीएल लेनी है तो उसकी प्रविष्टि दो महीने पहले अवकाश पंजी में करनी होगी। शिक्षकों का कहना है कि आकस्मिक अवकाश का उद्देश्य ही अचानक उत्पन्न परिस्थितियों में छुट्टी लेना है। ऐसे में दो महीने पहले इसकी जानकारी देना व्यवहारिक नहीं है। सुनवाई के दौरान डीईओ मनोज कुमार ने कहा कि यदि केवल दो-तीन शिक्षक शिकायत करते तो स्थिति अलग होती, लेकिन यहां लगभग सभी शिक्षक एक जैसी शिकायत कर रहे हैं। इससे प्रथम दृष्टया आरोपों में सच्चाई दिखाई देती है।
प्रधानाध्यापक पर वित्तीय अनियमितता का आरोप
प्रधानाध्यापक पर वित्तीय अनियमितता का आरोप भी लगाया गया है। शिक्षकों का कहना है कि विद्यालय में उपलब्ध लगभग 10 लाख रुपये की राशि के ब्याज का उपयोग विभागीय अनुमति के बिना किया जा रहा है। हालांकि इस आरोप की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। दूसरी ओर प्रधानाध्यापक चेतन कुमार ने सभी आरोपों से इनकार किया। उनका कहना है कि उन्होंने किसी शिक्षक के साथ दुर्व्यवहार नहीं किया है और लगाए गए आरोप निराधार हैं।
प्रधानाध्यापक का ऑडियो वायरल
सुनवाई के दौरान एक ऑडियो का भी उल्लेख हुआ, जिसमें कथित तौर पर प्रधानाध्यापक को जिला शिक्षा पदाधिकारी के बारे में टिप्पणी करते हुए सुना गया है। ऑडियो में डीईओ की समझदारी पर सवाल उठाने की बात कही जा रही है। दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद डीईओ ने मामले की जांच कराने और आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि विद्यालय में स्वस्थ शैक्षणिक माहौल बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।
सबकी नजरें कार्रवाई पर टिकीं
गौरतलब है कि चेतन कुमार के खिलाफ पहले भी शिकायतें सामने आ चुकी हैं। जानकारी के अनुसार, जब वे राहटपुर मध्य विद्यालय में पदस्थ थे, तब भी उन पर कई आरोप लगे थे। उस समय के जिला शिक्षा पदाधिकारी राजदेव राम ने उन्हें निलंबित किया था। फिलहाल पूरे मामले की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। शिक्षा विभाग की कार्रवाई पर अब सभी की नजरें टिकी हैं।









