- उज्जैन पुलिस ने गोरखपुर से किया गिरफ्तार
- ठगी की राशि से खरीदता था सोने के सिक्के
उज्जैन/एजेंसी | साइबर ठगी की काली कमाई को सफेद (वैध) करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। इस गिरोह का सरगना कोई शातिर अपराधी नहीं, बल्कि नोएडा की गलगोटिया यूनिवर्सिटी का इंजीनियरिंग छात्र साकेत गौर है। मध्य प्रदेश की उज्जैन पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी साकेत को उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से गिरफ्तार कर लिया है। कोर्ट ने आरोपी को 5 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है।
मास्टरमाइंड साकेत गौर इस पूरे सिंडिकेट को दिल्ली में बैठकर आपरेट कर रहा था। बीते 18 जून को उज्जैन के ‘होटल हीरा पैलेस’ से पुलिस ने इसके तीन गुर्गों को दबोचा था। अपने साथियों की गिरफ्तारी की खबर मिलते ही साकेत दिल्ली से फरार होकर गोरखपुर स्थित अपने पैतृक गांव में छिप गया था।
भोपाल के बड़े ज्वेलर्स भी निशाने पर
इस गिरोह के तार सिर्फ उज्जैन ही नहीं, बल्कि राजधानी भोपाल से भी जुड़े हैं। भोपाल के हबीबगंज और कोलार थाने में भी इस गिरोह के खिलाफ मामले दर्ज हैं। जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने भोपाल के चार नामी ज्वेलर्स के बैंक खातों में भी लाखों रुपये के संदिग्ध ट्रांजेक्शन किए हैं। पुलिस अब उन ज्वेलर्स से भी पूछताछ की तैयारी कर रही है। उज्जैन पुलिस के साथ-साथ अब भोपाल पुलिस और साइबर सेल भी इस नेटवर्क को खंगालने में जुट गई है। पुलिस को अंदेशा है कि इस रैकेट के तार अन्य राज्यों और कुछ चीनी वेबसाइट्स से भी जुड़े हो सकते हैं। आने वाले दिनों में देशव्यापी स्तर पर कुछ और गिरफ्तारियां संभव हैं।
ऐसे काम करता था यह हाईटेक गिरोह
- डिजिटल अरेस्ट और ठगी: यह गिरोह लोगों को ‘डिजिटल अरेस्ट’ करने या कूरियर में ड्रग्स मिलने के नाम पर डराकर करोड़ों रुपये ठगता था।
- सोने से कनेक्शन: ठगी की रकम को सीधे बैंक खातों में रखने के बजाय, आरोपी उसे तुरंत सराफा कारोबारियों के खातों में ट्रांसफर कर देते थे।
- सफेद होती थी काली कमाई: खातों में पैसा भेजकर ये लोग ज्वेलर्स से भारी मात्रा में सोने के सिक्के और गहने खरीद लेते थे।
पकड़े गए तीनों आरोपियों के बयानों के आधार पर मुख्य आरोपी साकेत को दबोचा गया है। उससे पूछताछ जारी है, जिससे कई और बड़े चेहरों के बेनकाब होने की उम्मीद है।
-गजेंद्र पचोरिया, थाना प्रभारी, माधवनगर (उज्जैन)










