- ठेका श्रमिक की मौत के बाद मजदूरों ने किया प्रदर्शन
- तोड़फोड़ और हिंसा काे सुरक्षा के लिए बताया खतरनाक
बेगूसराय | बरौनी रिफाइनरी के मुख्य द्वार पर हाल ही में हुए हिंसक प्रदर्शनों को लेकर प्रबंधन ने सख्त रुख अपनाया है। प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि एक अनुबंधित श्रमिक की मौत के बाद कुछ असामाजिक तत्व हालात का गलत फायदा उठा रहे हैं। 7 जुलाई को प्रदर्शन के दौरान हुई तोड़फोड़ और हिंसा को प्रबंधन ने प्लांट की सुरक्षा के लिए बेहद खतरनाक बताया है।
बरौनी रिफाइनरी की मुख्य प्रबंधक (कर्मचारी सेवाएं, कारपोरेट संचार व हिन्दी) मीनाक्षी ठाकुर ने बताया कि हाल ही में एक अनुबंधित श्रमिक का निधन हो गया था। श्रमिक मेसर्स Sharp Tank के अधीन काम कर रहा था। उसकी मौत रिफाइनरी परिसर के बाहर हुई थी। इसके बाद मृतक के परिजनों और बड़ी संख्या में लोगों ने रिफाइनरी के मुख्य गेट पर प्रदर्शन किया। सड़कों पर आवागमन बाधित किया गया। प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा ढांचे और संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचाया गया। रिफाइनरी प्रबंधन के दबाव और समन्वय के बाद ठेकेदार ने मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध करा दी है। प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि आगे की सभी उचित कार्रवाई लागू श्रम कानूनों और संविदा के नियमों के तहत ही की जा रही है।
ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है असर
बरौनी रिफाइनरी एक संवेदनशील हाइड्रोकार्बन औद्योगिक प्रतिष्ठान है। प्रबंधन ने कहा कि यह रिफाइनरी पूर्वी भारत के साथ-साथ नेपाल की ऊर्जा जरूरतों को भी पूरा करती है। प्रबंधन ने चिंता जताई है कि ऐसे हिंसक कृत्य रिफाइनरी के सुरक्षित संचालन में बाधा बन सकते हैं। इससे न केवल ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होगी, बल्कि इससे जुड़े हजारों परिवारों की आजीविका भी खतरे में पड़ सकती है।

शांति और संवाद की अपील
रिफाइनरी प्रबंधन ने कहा कि किसी भी समस्या का समाधान केवल संवाद और कानूनसम्मत तरीके से ही संभव है। प्रबंधन ने रिफाइनरी के सुरक्षित और निर्बाध संचालन के लिए स्थानीय समुदायों और श्रमिक संगठनों से सहयोग का आग्रह किया है।








