- राष्ट्रीय नाट्य महोत्सव-2026 के तहत बेगूसराय में हुआ प्रभावशाली मंचन
- देशभर में 150 से अधिक संस्थाओं ने एक साथ किया नाट्य मंचन
- ‘युवा रंगमंच से राष्ट्र जागरण’ थी आयोजन की केंद्रीय थीम

बेगूसराय | आशीर्वाद रंग मंडल की ओर से बुधवार को रंग अड्डा स्थित बेगूसराय प्राइवेट आइटीआइ सभागार में युवा निर्देशक सचिन कुमार के निर्देशन में नाटक ‘ए जर्नी फॉर फ्रीडम’ का प्रभावशाली मंचन किया गया। यह प्रस्तुति संगीत नाटक अकादमी, नई दिल्ली की ओर से आयोजित राष्ट्रीय नाट्य महोत्सव-2026 के तहत महाकवि कालिदास जयंती एवं ‘वंदे मातरम् अर्धशती’ समारोह के अवसर पर हुई। कार्यक्रम की थीम ‘युवा रंगमंच से राष्ट्र जागरण’ रही। कार्यक्रम का उद्घाटन नगर विधायक कुंदन कुमार, श्रीकृष्ण महिला महाविद्यालय की पूर्व प्राचार्य स्वपना चौधरी, बाइट कंप्यूटर के निदेशक संजय सिंह, आशीर्वाद रंग मंडल के अध्यक्ष ललन प्रसाद सिंह और संस्था के सचिव डा. अमित रौशन ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। आयोजकों ने बताया कि राष्ट्रीय नाट्य महोत्सव के तहत 15 जुलाई को देशभर में एक साथ 150 से अधिक संस्थाओं ने नाट्य मंचन किया। इसमें 39 से अधिक भारतीय भाषाओं, सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लगभग चार हजार कलाकारों ने भाग लिया। बिहार में यह आयोजन बेगूसराय, पटना, भागलपुर और बेतिया में हुआ।
वीर कुंवर सिंह की शौर्यगाथा ने किया भावुक
बेगूसराय में मंचित नाटक ‘ए जर्नी फार फ्रीडम’ में वीर बाबू कुंवर सिंह के शौर्य, त्याग और बलिदान की गाथा प्रस्तुत की गई। नाटक की शुरुआत ‘वंदे मातरम्’ और समापन राष्ट्रगान से हुआ। वीर कुंवर सिंह की भूमिका में शुभम कुमार ने प्रभावशाली अभिनय किया। अमर सिंह के रूप में कृष्णदेव कुमार और पीर अली की भूमिका में अरुण कुमार ने खूब सराहना बटोरी। अंग्रेज अधिकारी की भूमिका सोनू कुमार और गुड्डू कुमार ने निभाई। हरेकृष्ण के रूप में सचिन कुमार तथा कोरस में बिट्टू कुमार और राम कुमार ने भी प्रभाव छोड़ा। प्रकाश परिकल्पना मोहित मोहन, साउंड डिजाइन सनोज शर्मा का रहा। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ अभिनेता एवं निर्देशक कुमार अभिजीत ने किया।

राष्ट्र की आत्मा है ‘वंदे मातरम्’: संजय सिंह
कुंदन कुमार ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ स्वतंत्रता सेनानियों का प्रेरणास्रोत रहा है। कला, संस्कृति और साहित्य विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। सपना सिंह ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक विविधता को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में ऐसे आयोजन अहम हैं। संजय सिंह ने ‘वंदे मातरम्’ को राष्ट्र की आत्मा बताते हुए इसे विकसित भारत की भावना से जोड़ा। वहीं ललन प्रसाद सिंह ने संस्कृति मंत्रालय, संगीत नाटक अकादेमी की अध्यक्ष संध्या पुरेचा और सचिव राजू दास के प्रति आभार व्यक्त किया। समापन पर वरिष्ठ रंगकर्मी फैयाजुल हक, हरीश हरिऔध, कुमार अभिजीत, चंदन कुमार सोनू, मोहित मोहन और नीरज कुमार को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया।










