- बेगूसराय में भक्ति, संकीर्तन और पुष्पवर्षा से गूंजे मार्ग
- लाखों श्रद्धालुओं ने खींची रथ की रस्सी
- 25 हजार श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया महाप्रसाद
बेगूसराय | शहर में रविवार को आस्था का अभूतपूर्व नजारा देखने को मिला। श्री राधा कुंज बिहारी मठ (हरे कृष्ण सेंटर) के तत्वावधान में भगवान श्री जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा निकाली गई। इसमें लाखों श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया और उत्साह के साथ रथ की रस्सी खींची। यह भव्य आयोजन परम पूज्य भक्तिप्रमोद भगवत स्वामी महाराज के दिव्य मार्गदर्शन में हुआ। इसका सफल नेतृत्व ईश्वर नाम प्रभुजी और रक्षक गिरिधारी प्रभुजी ने किया।

रथयात्रा का मार्ग और उल्लास
- रथयात्रा की शुरुआत सरयू सदन से हुई।
- नगर के मुख्य मार्गों, मेन मार्केट और हरहर महादेव चौक से होते हुए यह जी.डी. कॉलेज मैदान पहुंची।
- रास्ते भर श्रद्धालुओं ने रथ पर जमकर पुष्पवर्षा की।
- पूरा नगर हरिनाम संकीर्तन और जयघोष से गूंज उठा।
- भगवान जगन्नाथ, श्री बलदेव और सुभद्रा महारानी का अलौकिक श्रृंगार किया गया था। फूलों से सजा भव्य रथ लोगों के आकर्षण का मुख्य केंद्र रहा।
मुंबई के बैंड ने मोहा मन
शाम को जीडी कालेज मैदान में धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हुए। यहाँ मुंबई के प्रसिद्ध रॉक भक्ति बैंड ने शानदार प्रस्तुति दी। उनके मनमोहक भजनों पर हजारों श्रद्धालु देर रात तक झूमते रहे। पूरा परिसर “हरे कृष्ण” के जयघोष से भक्तिमय हो गया।
25 हजार लोगों ने ग्रहण किया महाप्रसाद
कार्यक्रम में श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे की व्यवस्था की गई थी। भगवान जगन्नाथ को छप्पन भोग अर्पित किया गया। भव्य आरती के बाद लगभग 25 हजार भक्तों ने महाप्रसाद ग्रहण किया। इसी के साथ इस दिव्य महोत्सव का समापन हुआ।

बेगूसराय की नई धार्मिक पहचान
रथयात्रा की व्यवस्था बेहद अनुशासित और सुव्यवस्थित रही। इस भव्य आयोजन ने बेगूसराय में एक नई आध्यात्मिक चेतना का संचार किया है। लाखों लोगों की सहभागिता ने यह साबित कर दिया है कि जगन्नाथ रथयात्रा अब बेगूसराय की एक प्रमुख सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान बन चुकी है।










