- गंगा ग्लोबल ज्ञान परिसर में आयोजित हुई श्रद्धांजलि सभा
- शिक्षा के आदर्शों को आगे बढ़ाने का संकल्प
बेगूसराय | गंगा ग्लोबल ज्ञान परिसर स्थित दिनकर सभागार में ब्रजेश कुमार फाउंडेशन की ओर से सोमवार को फाउंडेशन के प्रथम अध्यक्ष एवं प्रख्यात शिक्षाविद् डा. मंगलदेव पांडेय को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। सभा में ट्रस्टी एवं बिहार विधान परिषद सदस्य सर्वेश कुमार सहित गंगा ग्लोबल परिवार के सभी शिक्षकों, प्राध्यापकों और पदाधिकारियों ने उनके तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर दो मिनट का मौन रखा।
NCERT पुस्तकों और व्यापार-मुक्त शिक्षा पर दिया जोर
बिहार विधान परिषद सदस्य सर्वेश कुमार ने कहा कि वर्ष 2011 से शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों को डा. पांडेय का सतत मार्गदर्शन मिला। गंगा ग्लोबल स्कूल रमजानपुर की स्थापना के समय उन्होंने विद्यालय में केवल एनसीईआरटी की पुस्तकों से पढ़ाई कराने का प्रस्ताव रखा। साथ ही यह भी तय कराया कि विद्यालय में किताब, कलम और स्कूल ड्रेस की बिक्री नहीं होगी तथा संस्थान केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षण कार्य पर ध्यान देगा। उन्होंने कहा कि डा. पांडेय स्वयं अपना कार्य स्वयं करने में विश्वास रखते थे। शिक्षकों और कर्मचारियों के हितों के प्रति भी वे हमेशा संवेदनशील रहे। उनके प्रयास से संस्थान में कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) की व्यवस्था लागू हुई, जो आज भी जारी है। उन्होंने शिक्षकों से उनके आदर्शों को अपनाने और बेहतर समाज निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
शिक्षकों ने संस्मरण सुनाकर दी भावभीनी श्रद्धांजलि
कार्यक्रम में गंगा ग्लोबल बीएड कालेज के प्राचार्य डा. नीरज कुमार, एमबीए कालेज की प्राचार्य डा. सुधा झा, गंगा ग्लोबल स्कूल रमजानपुर के प्राचार्य अनिल कुमार, गंगा ग्लोबल स्कूल बलिया की प्राचार्य प्रियंका शर्मा तथा ट्रस्ट के सदस्य मौजूद रहे। सभी ने डा. पांडेय के व्यक्तित्व और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को याद करते हुए संस्मरण साझा किए। वक्ताओं ने बताया कि डा. मंगलदेव पांडेय नेतरहाट विद्यालय के पूर्व प्राचार्य थे। सेवानिवृत्ति के बाद वे गंगा ग्लोबल परिवार से जुड़े और अध्यक्ष के रूप में संस्थान के मार्गदर्शक एवं अभिभावक की भूमिका निभाई। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में अनुशासन, पारदर्शिता और गुणवत्ता पर विशेष जोर दिया।
परिसर में लगाया जाएगा डा. पांडेय का तैलचित्र
श्रद्धांजलि सभा में डा. सुधाकर पांडेय, प्रो. विपिन कुमार, डा. अंजली, डा. कामायनी कुमारी और डा. राजवंत सिंह समेत कई शिक्षकों ने अपने संस्मरण साझा किए। कार्यक्रम का संचालन प्रो. परवेज यूसुफ ने किया। इस अवसर पर घोषणा की गई कि डा. मंगलदेव पांडेय की स्मृतियों और उनके आदर्शों को चिरस्थायी बनाने के लिए गंगा ग्लोबल ज्ञान परिसर में उनका तैलचित्र लगाया जाएगा।










