- फरार दो अन्य नाबालिग बच्चियों की तलाश तेज, जल्द बरामदगी का दावा
- आंगनबाड़ी केंद्रों की अब मोबाइल एप से होगी डिजिटल निगरानी
- सूबे में 6,141 सेविका और 16,750 सहायिकाओं की जल्द होगी बहाली
- सीडीपीओ की अवैध वसूली पर मंत्री सख्त, कानूनी कार्रवाई की दी चेतावनी
बेगूसराय | रतनपुर स्थित बालिका गृह से पांच नाबालिग बच्चियों के गायब होने का मामला गरमा गया है। घटना की जानकारी मिलने के बाद सूबे की समाज कल्याण मंत्री डा. श्वेता गुप्ता गुरुवार को बेगूसराय पहुंचीं। उन्होंने पूरे मामले का गंभीरता से जायजा लिया। स्थानीय सर्किट हाउस में प्रेस कांफ्रेंस करते हुए उन्होंने बताया कि पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई की है। पांच में से तीन बच्चियों को सकुशल बरामद कर लिया गया है। शेष दो बच्चियों की तलाश में छापेमारी जारी है। पुलिस उन्हें भी बहुत जल्द ढूंढ निकालेगी।
औचक निरीक्षण में परखी हकीकत, दिए कड़े निर्देश
अपने दौरे के क्रम में मंत्री ने कई जगहों का औचक निरीक्षण किया। वे सदर ग्रामीण प्रखंड की चिलमिल पंचायत स्थित आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 419, 418, 283 और 308 पर गईं। यहां कुछ केंद्र सरकारी, कुछ किराये के और एक स्वयं के भवन में चलता मिला। केंद्र संख्या 283 में बिजली और अन्य सुविधाओं की भारी कमी पाई गई। मंत्री ने अधिकारियों को तुरंत वहां बिजली उपलब्ध कराने और इसे ‘सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र’ के रूप में विकसित करने का निर्देश दिया। इसके बाद उन्होंने बेगूसराय सदर के केंद्र संख्या 67 व 69 तथा पोखरिया स्थित केंद्र संख्या 46 व 47 का भी निरीक्षण किया। बच्चों के लिए पर्याप्त जगह और बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए।

पालना घर का भी लिया जायजा
डॉ. श्वेता गुप्ता ने पुलिस लाइन और समाहरणालय परिसर स्थित पालना घर की व्यवस्था भी परखी। इसके अलावा उन्होंने शक्ति सदन और मटिहानी स्थित बुनियाद केंद्र का बारीकी से निरीक्षण किया। वहां की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए। क्षेत्र भ्रमण के बाद मंत्री ने जिला स्तरीय पदाधिकारियों के साथ एक अहम समीक्षा बैठक की। बैठक में विभागीय योजनाओं और सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार पर विशेष जोर दिया गया। लाभार्थियों को समय पर और बेहतर सुविधाएं देने का निर्देश दिया गया।
मोबाइल एप से होगी आंगनबाड़ी केंद्रों की निगरानी
प्रेस कांफ्रेंस में मंत्री डा. श्वेता गुप्ता ने विभाग की आगामी योजनाओं की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अब बिहार के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों की निगरानी मोबाइल एप से होगी। समाज कल्याण विभाग ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। सरकार इन केंद्रों को और अधिक मजबूत कर रही है। कैबिनेट ने ‘आंगनबाड़ी सेविका/सहायिका चयन मार्गदर्शिका 2026’ को अपनी मंजूरी दे दी है। इसके तहत राज्य में 6,141 सेविका और 16,750 सहायिकाओं के रिक्त पदों पर बहुत जल्द बंपर बहाली की जाएगी।
अवैध वसूली पर मंत्री ने दी सख्त चेतावनी
प्रेस वार्ता के दौरान पत्रकारों ने सेविकाओं से अवैध वसूली का मुद्दा भी उठाया। बताया गया कि एलएस और सीडीपीओ मिलकर हर महीने दो से तीन हजार रुपये की जबरन वसूली करते हैं। इस पर मंत्री ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने स्वीकार किया कि उन्हें भी पहले से ऐसी शिकायतें मिल रही हैं। डा. गुप्ता ने कहा कि सभी सीडीपीओ को कार्यशैली में सुधार का सख्त निर्देश दिया गया है। अगर आगे मीडिया के माध्यम से ऐसी वसूली की कोई शिकायत मिलती है, तो दोषी एलएस और सीडीपीओ पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।










