- शिक्षाग्रह लीडरशिप अवार्ड 2025 के विजेता के तौर पर गेस्ट ऑफ ऑनर के साथ मिला विशेष आमंत्रण
- अंतर्राष्ट्रीय अधिवेशन में प्रस्तुत होंगे रंजन कुमार के विद्यालयी नवाचार
- शिक्षाग्रह लीडरशिप अवार्ड 2026 के विजेताओं के साथ विशेष संवाद में शामिल होंगे
बेगूसराय | सार्वजनिक शिक्षा में नेतृत्व, नवाचार और सामूहिक पहल को गति देने वाले वैश्विक मंच इन्वोक-ईडी 5.0 में शिक्षाग्रह अवार्ड 2026 के विजेताओं की घोषणा 6 फरवरी को बेंगलुरु में होगी। इसके साथ उन्हें पुरस्कृत किए जाने हेतु आयोजित समारोह में पूरे भारत से तीन उत्कृष्ट शैक्षिक नेतृत्वकर्ता के विद्यालय की परिवर्तनकारी यात्रा अंतर्राष्ट्रीय चर्चा का केंद्र बनेगी। शिक्षालोकम की ओर से आयोजित इस दो-दिवसीय विश्व अधिवेशन में शिक्षाग्रह नेतृत्व पुरस्कार 2025 के विजेता रहे मध्य विद्यालय, बीहट (बेगूसराय) के प्रधानाध्यापक रंजन कुमार को अपने विद्यालय में किए गए अकादमिक सुधारों और नवाचारों की विस्तृत प्रस्तुति के लिए विशेष तौर पर आमंत्रित किया गया है। इस संबंध में बरौनी के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी सुभाष कुमार बताया कि यह रंजन कुमार के विद्यालय के प्रति श्रेष्ठ निष्ठा का सम्मान है तथा इस बात की वैश्विक स्वीकृति भी है कि सीमित संसाधनों के बावजूद दूरदर्शी नेतृत्व से सरकारी शिक्षा व्यवस्था में गुणात्मक बदलाव संभव है।
जानिए, क्या है इन्वोक-ईडी 5.0 – शिक्षा सुधार का वैश्विक संगम
सेंटर फॉर परफॉर्मिंग आर्ट्स (पीसीपीए), बेंगलुरु में आयोजित यह अधिवेशन शिक्षा नेतृत्व पर दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित आयोजनों में से एक माना जाता है। इसमें आगामी 6 एवं 7 फरवरी को सरकार, समाज, उद्योग और मीडिया सहित चारों क्षेत्रों के प्रमुख प्रतिनिधि एक साथ बैठकर सार्वजनिक शिक्षा प्रणालियों को अधिक न्यायसंगत, प्रभावी और भविष्य-उन्मुख बनाने पर विमर्श करेंगे। अधिवेशन का केंद्रीय विषय “अभियान से आंदोलन तक”, का मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक शिक्षण प्रणाली के समग्र विकास को केंद्रित विचारों के परस्पर आदान-प्रदान के साथ शिक्षा सुधार को जमीनी स्तर पर एक व्यापक जन-आंदोलन में तब्दील करना है।
कौन किस विषय पर अपनी बात रखेंगे
अधिवेशन में विभिन्न देशों के प्रतिनिधि, शिक्षा प्रशासक, शोधकर्ता, शिक्षक-नेता, नीति-निर्माता और सामाजिक नवप्रवर्तक भाग लेंगे, जो दक्षिण एशियाई देशों के परिप्रेक्ष्य में शिक्षा सुधार की नई रूपरेखा गढ़ेंगे। इस आयोजन में शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार के मुख्य सचिव संजय कुमार के साथ पूरे देश के सभी राज्यों और आमंत्रित अन्य देशों के शीर्षस्थ नीति निर्माताओं, शिक्षा अधिकारियों के साथ शिक्षा नेतृत्व के अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त व्यक्तित्व अपनी अंतर्दृष्टि साझा करेंगे। इसमें वेंडी कॉप, “टीच फॉर ऑल” की प्रमुख कार्यकारी अधिकारी, जो वैश्विक शिक्षण नेतृत्व पर अपना दृष्टिकोण रखेंगी। डॉ. उर्वशी साहनी, “कैटेलिस्ट 2030” की सह-संस्थापक, जो शिक्षा में समानता और सहयोग पर विमर्श करेंगी। डॉ. सुब्रमणियन रंजन, इनसीड फ्रांस के प्राध्यापक, जो शिक्षा नीति और नेतृत्व रणनीति पर शोध-आधारित दृष्टि प्रस्तुत करेंगे आदि जैसे नाम प्रमुख हैं। इन वैश्विक विचारकों के बीच रंजन कुमार की प्रस्तुति बिहार के सरकारी विद्यालय के जमीनी अनुभवों को अंतर्राष्ट्रीय विमर्श से जोड़ने का काम करेगी।
विद्यालय में विकसित किए इन प्रमुख अकादमिक स्तंभ की चर्चा करेंगे रंजन कुमार
1. वीकेंड विजन : दुनिया के श्रेष्ठ अनुभव रखने वाले विशेषज्ञों को शिक्षार्थी तक लाने की पहल जिसमें श्रृंखलाबद्ध रूप से चिह्नित शनिवार को विद्यालय में विशेष संवाद सत्र का जीवंत आयोजन किया जाता है। इसमें विद्यार्थी, वैज्ञानिकों, प्रशासकों, पर्यावरणविदों, इतिहासकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद करते हैं। विगत के 17 कड़ियों में अब तक अंतरिक्ष विज्ञान, अभिव्यक्ति कौशल, फिजिकल फिटनेस और मेंटल हेल्थ, गांधी दर्शन, कृषि विज्ञान, पर्यावरण संरक्षण, करियर मार्गदर्शन और लोक प्रशासन जैसे विषयों ने बच्चों की सोच का विस्तार किया और उनके आत्मविश्वास को नई दिशा दी।
2. क्रिएटिव विजन : सृजनशीलता का विस्तार-विद्यार्थियों को कुशल अध्येता के साथ सृजनकर्ता बनाए जाने की पहल। कैथी लिपि प्रशिक्षण के तहत विद्यार्थियों ने बिहार की प्राचीन कैथी लिपि सीखी और अपने साथियों को भी प्रशिक्षित किया जो ऐतिहासिक विरासत और सांस्कृतिक संरक्षण का अनूठा उदाहरण है। केंद्रीय विश्वविद्यालय परिचर्चा परियोजना के तहत विद्यार्थियों में उच्च शिक्षा के प्रति आकांक्षा जगाई और उनके भविष्य दृष्टिकोण को व्यापक बनाया।
3. मॉडल क्लास : शिक्षण को कला बनाना शिक्षकों को प्रेरित किया गया कि वे अपनी कक्षा को केवल दायित्व भर नहीं, बल्कि उत्कृष्टता के प्रदर्शन का बेहतर माध्यम मानें। न्यूनतम संसाधनों में अधिकतम प्रभाव उत्पन्न करते हुए इस पहल ने विद्यालय की शिक्षण-संस्कृति को दिनचर्या से उत्कृष्टता की ओर अग्रसर किया।
आमंत्रण मिलने से शिक्षाप्रेमियों में हर्ष
इस अधिवेशन में आमंत्रित किए जाने पर एक ओर जहां विद्यालय के शिक्षकों, हाउस लीडर्स, मॉनिटर्स, बाल संसद के प्रतिनिधियों सहित शिक्षा समिति के सदस्यों के बीच हर्ष व्याप्त है तो वहीं दूसरी ओर पूर्व अपर मुख्य सचिव डॉक्टर एस सिद्धार्थ, प्राथमिक शिक्षा निदेशक विक्रम वीरकर, निदेशक मध्याह्न भोजन विनायक मिश्र और स्थानीय विभागीय अधिकारियों सहित राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित व्याख्याता पप्पू हरिजन, प्रधानाध्यापक हरिदास शर्मा, मध्य विद्यालय बीहट की राजकीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित स्नातक शिक्षक अनुपमा सिंह, मध्य विद्यालय रतौली के प्रधानाध्यापक धनंजय कुमार, मध्य विद्यालय मोहनपुर के प्रधानाध्यापक विनय कुमार सहित पूरे राज्य से जाने माने शिक्षा प्रेमियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अपनी बधाइयां तथा शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।










