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गरीबों और वंचितों की आवाज थे कवि रामावतार शक्र: सर्वेश कुमार

  • 39वीं पुण्यतिथि पर जनप्रतिनिधियों और साहित्यकारों ने दी श्रद्धांजलि
    रूपनगर में जुटे साहित्यप्रेमी, याद किए शक्र के योगदान

बेगूसराय (बीहट)| जनकवि रामावतार यादव ‘शक्र’ की 39वीं पुण्यतिथि पर बुधवार को उनके पैतृक गांव रूपनगर स्थित दुर्गा स्थान ठाकुरबाड़ी में श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, साहित्यकारों, बुद्धिजीवियों एवं ग्रामीणों ने शक्र की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
समारोह के प्रथम सत्र को संबोधित करते हुए दरभंगा स्नातक क्षेत्र के विधान पार्षद सर्वेश कुमार ने कहा कि कविवर रामावतार यादव शक्र ने विषम परिस्थितियों में भी अपनी लेखनी को समाज के गरीब, मजदूर और अंतिम पंक्ति में खड़े लोगों के हितों के लिए समर्पित रखा। उनकी रचनाओं में शोषण, अन्याय और सामाजिक विसंगतियों के खिलाफ स्पष्ट स्वर सुनाई देता है। उन्होंने कहा कि शक्र ने अपनी कविताओं के माध्यम से लुटेरों, निकम्मों और ठगों के शासन का विरोध किया तथा न्यायपूर्ण समाज की कल्पना प्रस्तुत की, जिसे आज के दौर में आत्मसात करने की आवश्यकता है।

समारोह को संबोधित करते तेघड़ा विधायक रजनीश कुमार। न्यूजविस्टा
शक्र के नाम पर बनेगा भव्य द्वार : रजनीश कुमार
तेघड़ा विधायक रजनीश कुमार ने कहा कि बेगूसराय की धरती ने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर और जनकवि रामावतार यादव शक्र जैसी महान विभूतियों को जन्म दिया है। उन्होंने घोषणा की कि शक्र की स्मृति में एक सप्ताह के भीतर भव्य प्रवेश द्वार का निर्माण कराया जाएगा। विधायक ने कहा कि शक्र की रचनाएं समाज में घटित घटनाओं और जनभावनाओं का सशक्त दस्तावेज हैं।
हस्तलिखित पांडुलिपियों के संरक्षण और प्रकाशन की दिशा में पहल
जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी श्याम कुमार सहनी ने कहा कि कविवर शक्र की हस्तलिखित पांडुलिपियों और रचनाओं को संरक्षित करने की दिशा में विभाग गंभीरता से कार्य करेगा। उन्होंने बताया कि पांडुलिपियों को स्कैन कर विशेषज्ञ लैब में भेजा जाएगा तथा विभागीय स्तर पर उनके प्रकाशन का प्रयास किया जाएगा। साथ ही शक्र की उपलब्ध रचनाओं की सूची ज्ञानवर्धन पोर्टल पर भी उपलब्ध कराने की योजना है। कार्यक्रम के दौरान बीएचयू के प्रो. रामाज्ञा शशिधर, साहित्यकार अशांत भोला, दिनकर पुस्तकालय के अध्यक्ष विश्वम्भर सिंह, सचिव प्रदीप कुमार, संजीव फिरोज, कृष्ण कुमार ठाकुर, ललन दास, रामनाथ सिंह, आयोजन समिति के अध्यक्ष रामानुज सिंह, संयोजक प्रवीण प्रियदर्शी, सचिव राहत रंजन, पंचायत समिति सदस्य वकील रजक सहित अनेक जनप्रतिनिधियों, साहित्यप्रेमियों और ग्रामीणों ने शक्र की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

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विनोद कर्ण

पत्रकारिता में 37 वर्षों का अनुभव। 1988 में पटना से प्रकाशित होने वाले हिन्दी दैनिक नवभारत टाइम्स से जुड़े। 1995 से 2000 तक मधुबनी से हिन्दी दैनिक आज के जिला संवाददाता रहे। अप्रैल 2000 से अगस्त 2002 तक अमर उजाला के जालंधर संस्करण में अबोहर के ब्यूरो चीफ रहे। गंभीर रूप से दुर्घटनाग्रस्त होने के कारण इस पेशे से 4 साल दूर रहे। 2006 में दैनिक जागरण, बेतिया से नई पारी शुरू की। तीन माह बाद सिल्लीगुड़ी स्थानांतरित। फिर पटना तबादला। 2008 से 2014 तक दैनिक जागरण, बेगूसराय और खगड़िया में ब्यूरो चीफ रहे। 2014 से 2017 तक दैनिक जागरण भागलपुर में डेस्क पर सीनियर सब एडिटर रहे। उसके बाद से न्यूज पोर्टल लाइव सिटीज, बिफोर प्रिंट और टॉप हिन्दी न्यूज से जुड़े रहे। वर्तमान में समकालीन तापमान के साथ-साथ newsvistabih.com न्यूज पोर्टल में स्वतंत्र रूप से लेखन जारी।
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